
“समन्वय पोर्टल” से मिला सुराग
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर यह पता चला कि—
बंधन बैंक के इन 27 खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के व्ययन, उपयोग और संवर्धन के लिए किया गया था।
इस पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1322/2025
धारा 317(2), 318(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी?
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित खाता धारकों ने साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को अपने खातों में दिखाकर लेनदेन किया।
इसके बाद पुलिस ने नीचे बताए गए 8 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया—
गिरफ्तार आरोपी
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रनजीत महानंद, निवासी रावणभांठा, सुपेला
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परमीला बाई जंघेल, निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार
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के. आकाश राव, निवासी सेक्टर-02, भिलाई
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विपिन कुमार सिरसाम, निवासी रिसाली सेक्टर-31
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मानवी बेरी, निवासी सेक्टर-04, भिलाई
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आशीष गुप्ता, निवासी दीनदयाल कॉलोनी, खम्हरिया
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पिंकी कुर्रे, निवासी आदित्य नगर, दुर्ग
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एक अन्य आरोपी, जिसे पकड़ा गया है
अन्य खाता धारकों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की चेतावनी: थोड़े पैसों के लालच में न बनें साइबर अपराधियों के मददगार
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है—
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किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता न दें
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थोड़े पैसों के बदले में अपने खाते का उपयोग साइबर ठगी के लिए न होने दें
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ऐसा करना अपराध है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं
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