
गोवर्धन पूजा पर भक्ति और परंपरा का संगम
भिलाई। गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू और महासचिव मलकीत सिंह लल्लू ने शहर के विभिन्न स्थलों पर गौरी पूजा का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने गौ माता की पूजा-अर्चना करते हुए समाज की समृद्धि, सुख-शांति और सभी के मंगल की कामना की।
पारंपरिक विधि से हुआ आयोजन
(Traditional Rituals and Devotion)
पूजा कार्यक्रम पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें गौ माता को खिचड़ी और अमृततुल्य दूध का भोग लगाया गया।
भक्ति और संस्कृति से ओतप्रोत वातावरण में पारंपरिक दौहे भी प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा परिसर भक्ति रस से सराबोर हो गया।
स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या ने श्रद्धापूर्वक इस अनुष्ठान में भाग लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
“गोवर्धन पूजा हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक” – इंद्रजीत सिंह छोटू
(Director’s Message on Govardhan Puja Significance)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा,
“गोवर्धन पूजा की परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है। यह पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि यह गौ माता के प्रति श्रद्धा और सम्मान का संदेश भी देता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति, पशु-पक्षी और पर्यावरण के साथ सामंजस्य में रहने की सीख देता है।
दीपावली के बाद आता है यह विशेष पर्व
(Cultural Significance of the Festival)
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जब भगवान श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे, तब दीपों से दीपावली मनाई गई थी।
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है, जिसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा को स्मरण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वे हर वर्ष अपने गांव उरला में ग्रामवासियों के साथ यह पर्व मनाते हैं और फिर निज निवास पर गौ माता की पूजा करते हैं।
क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं
(Festival Wishes and Cultural Message)
कार्यक्रम के अंत में इंद्रजीत सिंह छोटू और मलकीत सिंह लल्लू ने समस्त क्षेत्रवासियों को दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने समाज से भारतीय संस्कृति और गौ सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
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