छत्तीसगढ़भिलाई

इस्पात नगरी में मच्छरजनित रोगों के खिलाफ बीएसपी का जागरूकता एवं नियंत्रण अभियान…

भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा इस्पात नगरी के नागरिकों को डेंगू, मलेरिया तथा अन्य मच्छरजनित रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाये जा रहे व्यापक जागरूकता एवं नियंत्रण अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के उपायों के प्रति सजग करना तथा नगर क्षेत्र में मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को समाप्त करना है।

इस अभियान के अंतर्गत जिला मलेरिया विभाग के सहयोग से भुगतान के आधार पर 120 ब्रीडर चेकर और सर्वेयर की विशेष टीम गठित की गई है। ये टीमें टाउनशिप के सभी घरों में गहन डेंगू सर्वे कार्य के साथ-साथ नागरिकों को डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में भी जागरूक कर रही हैं।

ब्रीडर चेकर्स टीम का मुख्य कार्य न केवल लार्वा की पहचान करना है, बल्कि नागरिकों को यह समझाना भी है कि किस प्रकार वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखकर इस समस्या पर नियंत्रण पा सकते हैं। बीएसपी के नगर सेवाएँ विभाग के अंतर्गत जन स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न सेक्टरों में जाकर लोगों से अपील कर रही हैं कि घरों में पानी जमा न होने दें, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरदानी का उपयोग करें।

इसके अतिरिक्त बैकलेन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें फॉगिंग, टेमीफॉस का वितरण और अन्य कीटनाशकों का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जा रहा है। इस्पात नगरी में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए 23 जून 2025 से प्रारंभ इस सघन अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों में आवासीय क्षेत्रों का सर्वे और घर-घर निरीक्षण, घरों एवं बैकलाइन क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव, पोर्टेबल और वाटर फॉगिंग, ऑयलिंग तथा टेमीफॉस का वितरण शामिल हैं।

साथ ही जल संग्रहण के पात्रों जैसे कूलर, टंकी, ड्रम आदि को खाली करवाकर उनमें दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। डोर-टू-डोर जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को निवारक उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, जिन घरों में डेंगू के लार्वा पाए जाते हैं, उन पर पेनाल्टी लगाने का प्रावधान भी किया गया है।

प्रतिवर्ष डेंगू के मामलों में वृद्धि का प्रमुख कारण एडीज मच्छरों के लिए अनुकूल प्रजनन की स्थिति है। वर्षा ऋतु के दौरान स्थिर पानी का जमाव, घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में पानी संग्रहण और मच्छर नियंत्रण के प्रति अपेक्षाकृत कम जागरूकता भी इस समस्या को बढ़ावा देती है। मानसून के मौसम में उच्च आर्द्रता और गर्म तापमान मच्छरों की आबादी बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे डेंगू का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

जन स्वास्थ्य विभाग, भिलाईवासियों से पुनः आग्रह करता है कि वे भी मच्छर नियंत्रण के इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। व्यक्तिगत स्तर पर अपनाए जा सकने वाले सरल उपाय, जैसे कूलर और पानी की टंकियों को प्रति सप्ताह एक बार पूरी तरह खाली कर साफ करना, पुराने टायरों, खाली बर्तनों व गमलों में पानी जमा न होने देना, जहाँ पानी खाली करना संभव न हो वहाँ तेल की कुछ बूँदें डालना और मच्छरदानी का नियमित उपयोग करना, डेंगू की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी हैं।

विगत 8–9 वर्षों से प्रतिवर्ष चलाए जा रहे इस अभियान को इस वर्ष और अधिक सख्ती तथा व्यापक जनभागीदारी के साथ लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन, जिला प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त प्रयासों से इस्पात नगरी को डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहा है।

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