
दुर्ग- इस ग्रुप के सभी सदस्यों के लिए बहुत सौभाग्य का दिन था कि कल 13/7/2025 को लगभग 48 सालो बाद एक दूसरे से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ कई लोगों के चेहरे कितने बदल गए थे कि अभी उनका आपस में ही पहचानने में दिक्कत हो रही थी व्हाट्सप्प में ग्रुप बनाकर कुछ लोग आपस में बातचीत करते थे लेकिन एक दूसरे से प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल पाए थेl
कल सारे लोग इकट्ठा होकर के सब ने एक जगह लंच लिया और एक दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त की सभी की उम्र 68 से 72 के बीच में हो चुके है इस विशेष मिलान कार्यक्रम में अमेरिका से विशेष रूप से डॉ लता चरदे , कोरबा से सुरेखा उइके , डोंगरगढ़ से कनक लता, धमतरी से वीणा दुर्ग से विजय कोठे, नर्मदा विजवे, सुरेश धोधवर ,भास्कर मढ़रिया , गोवर्धन शर्मा , ब्रजेश बिचपुरिया एवं हम 30 लोगो के ग्रुप में 10 लोग इकट्ठे हुए और सब ने अपने पुराने दिनों को याद किया l
हमारे जो टीचर रहे श्री दास, श्री वर्मा, प्राचार्य श्री मित्तल और उस समय पढ़ने वाले अन्य ट्रेडों के साथियों को याद किया और उस 1 साल के जो खट्टे मीठे अनुभव रहे उनको याद करके आत्मिक खुशी का एहसास हुआ वर्तमान में सभी लोगों ने अपने परिवार के बच्चों के बारे में अपनी पत्नी या पति के बारे में जानकारी दी हरीराज में लंच लेने के बाद सारे लोग मैत्री बाग भी गए और वहां बैठकर हमारे जो साथी थे जो अभी इस दुनिया में नहीं है स्वर्गीय दिवाकर गौर, स्वर्गीय गौतम, श्रीमती पुष्पा, सुश्री संयोगिता, श्रीमती शीला ,श्रीमती आशा दुबे हमारे बीच नहीं रहे उनके प्रति भी सब ने श्रद्धांजलि अर्पित की उसके अलावा जो लोग इस कार्यक्रम में नहीं आ पाएl
उनसे भी संपर्क कर अगले मिलन के समय सबको एकत्रित करने का प्रयास किया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि कौन कहां पर है ताकि सब लोग जो लोग हैं अभी उन सब से मिलने का कार्यक्रम हो सके इसी के साथ सभी लोगों ने एक दूसरे से मिलकर प्रसनता जाहिर की और भविष्य में सभी लोग अपने-अपने परिवारों के साथ इकट्ठा होंगे आपस में परिवारों के प्रति भी सबका स्नेह बन सके l
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