वित्त वर्ष 2027 में प्राइम रेल लक्ष्य प्राप्ति हेतु एचआर-एलएंडडी द्वारा आरएसएम के लिए परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप आयोजित…

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग (एचआर- एल एंड डी) विभाग द्वारा एचआर-एलएंडडी सेंटर में परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप (पीआईडब्लू) का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल (आरएसएम) समूह को वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए निर्धारित 5,05,500 टन प्राइम रेल उत्पादन के वार्षिक व्यवसाय योजना (एबीपी) लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एकजुट एवं प्रेरित करना था।
कार्यशाला में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी. के. बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (आरएसएम एवं आरटीएस) तीर्थंकर दस्तीदार, मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) पी. आर. भल्ला, महाप्रबंधक (आरएसएम) एन. के. खरे तथा महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर-एलएंडडी) संजीव कुमार श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिकारियों ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास, परिचालन उत्कृष्टता, नवाचार एवं अनुशासित कार्य निष्पादन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्राइम रेल उत्पादन के एबीपी लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रक्रिया अनुकूलन, तकनीकी हस्तक्षेप तथा प्रभावी टीमवर्क के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर उत्पादन प्रदर्शन, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, प्रक्रिया स्थिरीकरण, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा तकनीकी सुधार जैसे महत्वपूर्ण परिचालन विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श कराया गया। प्रत्येक समूह ने गहन चर्चा कर परिचालन दक्षता बढ़ाने एवं शॉप फ्लोर प्रदर्शन को सुदृढ़ करने के लिए सुझाव एवं कार्ययोजना आधारित प्रस्तुतीकरण तैयार किए।
प्रतिभागियों द्वारा उत्पादकता में सुधार, परिचालन व्यवधानों को न्यूनतम करने तथा मिल संचालन में सतत प्रदर्शन सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यावहारिक सुझाव एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ भी साझा की गईं। समापन सत्र में सभी समूहों द्वारा अपने प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिसके उपरांत सुझावों एवं प्रस्तावित पहलों पर विस्तृत चर्चा की गई। विचार-विमर्श के आधार पर एबीपी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी. के. बेहरा ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के महत्वाकांक्षी उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता, नवाचार आधारित कार्यप्रणाली तथा अनुशासित निष्पादन के महत्व को पुनः रेखांकित किया।
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