chhattisgarhछत्तीसगढ़भिलाई

राष्ट्रीय एआई हैकाथॉन में भिलाई के विद्यार्थियों की शानदार सफलता; ‘स्वास्त्र+’ परियोजना को प्रथम पुरस्कार…

भिलाई के छात्रों ने नवाचार एवं तकनीकी उत्कृष्टता का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एआई हैकाथॉन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), भिलाई के कक्षा 12वीं के तीन विद्यार्थियों—कृषांग सहारिया, आराध्य तिवारी एवं प्रियांशु साहू ने 5 अप्रैल, 2026 को गुरुग्राम स्थित मास्टर्स यूनियन द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित नेशनल एआई हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले में प्रथम स्थान प्राप्त कर 3 लाख रुपये का पुरस्कार अर्जित किया।

देशभर से लगभग 5,000 टीमों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा में विद्यार्थियों ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट “स्वास्त्र+” के माध्यम से शीर्ष स्थान हासिल किया। कृषांग साहारिया, जो महाप्रबंधक (एचआर–एल एंड डी) मुकुल सहारिया के पुत्र हैं, आराध्य तिवारी, जो एमजीएम स्कूल भिलाई के पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) अखिल तिवारी के पुत्र हैं, तथा प्रियांशु साहू, जो उप महाप्रबंधक (बीई) प्रकाश कुमार साहू के पुत्र हैं ने संयुक्त रूप से इस परियोजना का विकास किया।

प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में यह टीम शीर्ष 150 में स्थान बनाने में सफल रही, जिसके पश्चात दूसरे चरण में शीर्ष 14 टीमों में चयनित हुई। गुरुग्राम में आयोजित ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों का दो दिवसीय गहन मूल्यांकन उद्योग विशेषज्ञों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें डीपीएस भिलाई की टीम ने अपनी उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता एवं प्रभावी समस्या-समाधान क्षमता का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

“हाथों में हॉस्पिटल” की अवधारणा पर आधारित “स्वास्त्र+” एक प्रौद्योगिकी-आधारित स्वास्थ्य सेवा मंच है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है। यह नवाचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सुलभ, किफायती एवं समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करता है, जिससे समय रहते निदान एवं उपचार संभव हो सके और रोकी जा सकने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

इस परियोजना की परिकल्पना अक्टूबर 2025 में की गई थी, जब तीनों विद्यार्थियों ने एक साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य प्रारंभ किया, जिसमें कृषांग सहारिया ने टीम लीड की भूमिका निभाई। निरंतर परिश्रम, तकनीकी सुधार एवं रणनीतिक विकास के माध्यम से टीम ने विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक चरणों को सफलतापूर्वक पार किया।

यह उपलब्धि देश में स्कूली स्तर पर विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को भी रेखांकित करती है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020), स्टार्टअप इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के अनुरूप युवाओं में उद्यमिता एवं तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है।

संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे

https://jantakikalam.com 

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button