दुर्ग-भिलाई बनेगा टेक हब: IIT भिलाई और 40 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू, आईटी पार्क से युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका…

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र को आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में IIT भिलाई, छत्तीसगढ़ शासन और 40 प्रमुख आईटी कंपनियों के बीच आईटी पार्क स्थापना को लेकर एमओयू (MoU) साइन किया गया। यह समझौता दुर्ग स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार में जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
आईटी पार्क से खुलेंगे रोजगार और इनोवेशन के नए अवसर
प्रस्तावित आईटी पार्क दुर्ग जिले का पहला बड़ा टेक्नोलॉजी हब होगा, जहां युवाओं को मिलेगा:
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स्थानीय स्तर पर आईटी रोजगार
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आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
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इंडस्ट्री आधारित स्किल डेवलपमेंट
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स्टार्टअप और इनोवेशन के अवसर
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लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका
इस पहल से क्षेत्र के युवाओं को दूसरे शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी।
मंत्री गजेन्द्र यादव बोले – युवाओं के भविष्य से जुड़ा दूरगामी फैसला
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यह आईटी पार्क केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से:
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रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे
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रिसर्च और टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा
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स्टार्टअप कल्चर मजबूत होगा
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दुर्ग-भिलाई टेक्नोलॉजी और नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगा
40 आईटी कंपनियों की भागीदारी से इंडस्ट्री–अकादमिक कनेक्शन मजबूत
IIT भिलाई और 40 आईटी कंपनियों की साझेदारी से इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग को मजबूती मिलेगी। इससे छात्रों और युवाओं को:
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इंडस्ट्री एक्सपोजर
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इंटर्नशिप अवसर
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जॉब-रेडी स्किल्स
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टेक्निकल मेंटरशिप
सीधे कंपनियों से जुड़कर सीखने का अवसर मिलेगा।
इन सेक्टरों पर रहेगा फोकस
आईटी पार्क में कई उभरते टेक सेक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी:
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सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
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डेटा एनालिटिक्स
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
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फिनटेक
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रोबोटिक्स
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स्टार्टअप इकोसिस्टम
इससे क्षेत्रीय कंपनियों को कुशल तकनीकी मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा।
मध्य भारत का बड़ा डिजिटल सेंटर बनने की दिशा में कदम
आईटी पार्क की स्थापना से दुर्ग-भिलाई क्षेत्र छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के उभरते डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेंटर के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
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