
BJMTUC ने खोला मोर्चा, दोषियों को फांसी और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग
भिलाई/सक्ती | केरल के पलक्कड़ जिले में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की सक्ती तहसील स्थित करही गांव निवासी रामनारायण बघेल (31 वर्ष) की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। चोरी के संदेह में बांग्लादेशी समझकर सैकड़ों लोगों द्वारा की गई मॉब लिंचिंग में मजदूर की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो इस घटना की अमानवीयता को दर्शाते हैं।
मजदूरी कर घर बनाने गया था केरल, मौत बन गई नियति
रामनारायण बघेल एक मेहनतकश प्रवासी मजदूर थे, जो अपने अधूरे मकान और परिवार के भविष्य को संवारने के लिए केरल गए थे। लेकिन वहां भीड़ की हिंसा का शिकार होकर उनकी जान चली गई। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की हत्या है, बल्कि पूरे प्रवासी मजदूर वर्ग की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।
BJMTUC ने जताया कड़ा विरोध, न्याय की लड़ाई का ऐलान
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश यादव ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए कहा—
“रामनारायण बघेल हमारे मजदूर भाई थे। उनकी निर्मम हत्या मजदूर वर्ग पर सीधा हमला है। BJMTUC इस अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन प्राणपण से संघर्ष करेगा।”
BJMTUC की प्रमुख मांगें
BJMTUC ने केंद्र और राज्य सरकारों से निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
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हत्या में शामिल सभी दोषियों (मुख्य आरोपी सहित) को फांसी की सजा दी जाए।
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पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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केरल सरकार द्वारा विशेष जांच दल (SIT) गठित कर त्वरित व निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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केंद्र सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति लागू करे।
मजदूरों से एकजुट होने की अपील
BJMTUC ने देशभर के मजदूरों से आह्वान किया है कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करें। संगठन ने स्पष्ट कहा कि
“रामनारायण का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मजदूरों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं!”
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