
पारंपरिक गीत, झूले और लोकरीति ने कार्यक्रम को बनाया खास
तीज पर्व का आयोजन
भिलाई के सर्व महिला समाज कोहका द्वारा भव्य तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक गीत, झूले और तीज की लोकरीतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में महिलाएँ और बहनें पारंपरिक परिधान में शामिल हुईं और उत्साहपूर्वक तीज का पर्व मनाया।
तीज : अखंड सौभाग्य और नारी सम्मान का प्रतीक
तीज पर्व को अखंड सौभाग्य और नारी सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन माताएं और बहनें पूरे हर्षोल्लास से व्रत-पूजन और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करती हैं।
शुभकामनाएँ और बधाई
मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं और बहनों को तीज पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा –
“तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में स्त्री शक्ति और उनके सम्मान का प्रतीक है।”
निर्णायक मंडल और आयोजन समिति
इस अवसर पर निर्णायक मंडल में श्रीमती नेहा गुप्ता, अन्नू कोहली, श्रीमती अन्नू राणा और श्रीमती प्रमिला दुबे शामिल रहीं।
आयोजन समिति की प्रमुख बहनों में मनीषा हिंदरिया, लक्ष्मी जंघेल, दुर्गा राजपूत, ललिता साहू, जागेश्वरी साहू, प्रीति शर्मा, वंदना पाटणकर, सरिता यादव और वर्षा दुबे का विशेष योगदान रहा।
आभार व्यक्त
समारोह में उपस्थित सभी माताओं और बहनों का सादर आभार व्यक्त किया गया और समाज को एकजुट करने के इस प्रयास की सराहना की गई।
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