छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण: प्रार्थना सभा की आड़ में 20 से 25 लोगों के धर्मांतरण का आरोप, महिला टीचर और बेटे पर FIR दर्ज…

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के गीतांजलि सिटी फेस-2 में एक कथित अवैध चर्च में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी महिला शिक्षिका और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
प्रार्थना सभा की आड़ में 20 से 25 लोगों के धर्मांतरण का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त स्थान पर हर रविवार प्रार्थना सभा आयोजित की जाती थी, जिसमें 20 से 25 महिलाओं व बुजुर्गों को कथित रूप से धार्मिक प्रलोभन देकर धर्म बदलने को प्रेरित किया जा रहा था। जब यह बात मोहल्ले में फैलने लगी, तो लोगों ने तुरंत पुलिस से शिकायत की।
सरकारी स्कूल की टीचर और उसका बेटा नामजद आरोपी
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका अरुंधति साहू और उसके बेटे साकेत साहू के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत प्रकरण दर्ज किया है, जो जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन कराने से संबंधित है।
पुलिस जांच जारी, धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर सतर्कता बढ़ी
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों में रोष, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप
इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ती हैं बल्कि सामाजिक विश्वास को भी ठेस पहुंचाती हैं। लोग अब इस कथित चर्च पर निगरानी की मांग कर रहे हैं।
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