SC-ST उद्यमिता को बढ़ावा: स्वरोजगार और उद्योग स्थापना के लिए बड़ा पहल…

रीवा/ नेशनल एससी-एसटी हब एवं दलित इंडियन चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा गुरुवार को समदड़िया गोल्ड रीवा में आयोजित “उद्यमिता जागरूकता एंड स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम”में संभाग के युवाओं, उद्यमियों एवं इच्छुक प्रतिभागियों को स्वरोजगार, उद्योग स्थापना तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए उद्यमिता विकास के लिए उपलब्ध अवसरों पर मार्गदर्शन दिया। नेशनल एससी-एसटी हब भारत सरकार महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी महेन्द्र मालवीय ने एससी-एसटी युवाओं के लिए हब की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि एससी-एसटी युवाओं को व्यापार शुरू करने के लिए 25 प्रतिशत की कैपिटल सब्सिडी, बैंक लोन प्रोसेसिंग फीस की वापसी, मार्केटिंग सहायता जैसी अनेक सुविधाएं हैं।
केन्द्र सरकार की कंपनियों से एससी-एसटी युवाओं को जोड़कर सप्लायर बनाने पर भारत सरकार को जोर है। उन्होंने कहा कि रीवा में पहली बार एससी-एसटी हब का जागरूकता और वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम हो रहा है। इसमें जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह वास्तव में इस बात का संकेत है कि रीवा संभाग में मौजूद अवसरों का लाभ लेने के लिए सभी तैयार हैं।
डिक्की के अध्यक्ष डॉ अनिल सिरवैया ने कहा कि रीवा सहित पूरे प्रदेश में एससी-एसटी समुदाय की आबादी 40 प्रतिशत के आसपास है। इतनी बड़ी आबादी को सरकार नौकरी नहीं दे सकती। इसलिए जरूरी है कि एससी-एसटी के युवा आत्मनिर्भर बनें और व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी जगह बनाएं।
इसके लिए भारत सरकार और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं हैं, जिनका लाभ लेना हमें सीखना होगा। डिक्की इसी मिशन में लगा है। भारत सरकार और राज्य के साथ मिलकर अनेक योजनाएं डिक्की ने बनवाईं और इनका लाभ लेकर बड़ी संख्या में एससी-एसटी के युवा आत्मनिर्भर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विंध्य अंचल अवसरों की खदान हैं।
सिंगरौली में एनसीएल और एनटीपीसी जैसे बड़े सरकारी उपक्रम हैं और अनेक प्राइवेट पॉवर प्लांट हैं। इनमें एंसलरी यूनिट बनाई जा सकती है। इसी तरह रीवा और सतना के आसपास स्थित सीमेंट प्लांट में लगने वाले मटेरियल की सप्लाई के लिए छोटे उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। क्लस्टर बनाकर इस काम को आसान बनाया जा सकता है।
डिक्की रीवा कोऑर्डिनेटर स्नेहित आर्य ने बताया कि रीवा में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को अवसरों की जानकारी मिलती रहे और वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में एमपीआईडीसी रीवा के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी ने उद्यमिता के लिए स्किल डेवलपमेंट को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि उद्योग स्थापित करने से पहले कार्य का व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने सिंगरौली में स्किल डेवपलमेंट सेंटर विकसित करने पर जोर दिया। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक जेपी तिवारी ने विभिन्न औद्योगिक योजनाओं एवं सब्सिडी की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं के तहत उद्योग स्थापना हेतु भूमि, ऋण एवं 90 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध है।
उन्होंने एनटीपीसी एवं एनसीएल जैसे बड़े उद्योगों के आसपास एंसिलरी यूनिट स्थापित करने पर जोर दिया। एनटीपीसी महाप्रबंधक के. वामसी मोहन एवं एनसीएल प्रबंधक आनंद पाटिल ने कंपनियों की खरीद प्रक्रिया, स्थानीय सप्लायर बनने के अवसर तथा आरक्षण प्रावधानों की जानकारी साझा की।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर सचिन नेमा ने बैंक ऋण, सरकारी गारंटी योजनाओं तथा उद्यमियों के लिए आवश्यक वित्तीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता और सही मार्गदर्शन से ऋण प्राप्त करना आसान हो सकता है। इसके अतिरिक्त मुजम्मिल कुरैशी ने गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस के माध्यम से मोबाइल से ही पूरे देश में व्यापार करने की प्रक्रिया एवं प्रशिक्षण की जानकारी भी दी गई।
डिक्की के उपाध्यक्ष डॉ पंकज पाटिल, जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक केके पांडे, एनआरएम के डीपीएम अमित मिश्रा, उद्यानिकी अधिकारी प्रशस्ति पांडे ने विभागीय स्व-रोजगार योजनाओं की जानकारी दी। अंत में सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे और आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया तथा उद्यमिता की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे




