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दुर्ग में सड़क सुरक्षा का असर: पुलिस की सख्ती से 22% घटी सड़क हादसों में मौतें…

दुर्ग जिले में यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई देने लगा है। वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 22% की कमी दर्ज की गई है, जो सड़क सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आंकड़ों में बदलाव: 2025 बनाम 2026

यातायात पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार:

  • 2025 (जनवरी–मार्च): 114 मौतें
  • 2026 (जनवरी–मार्च): 88 मौतें

यानी इस वर्ष 26 लोगों की जान बची, जो पुलिस की सख्ती और जागरूकता अभियान का परिणाम है।

चालानी कार्रवाई में 77% की बढ़ोतरी

सिर्फ जागरूकता ही नहीं, बल्कि सख्ती भी बढ़ाई गई है:

  • 2025: 20,045 चालान
  • 2026: 35,570 चालान

इससे साफ है कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

किन पर है खास नजर?

यातायात पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर इन उल्लंघनों पर कार्रवाई की जा रही है:

  • बिना हेलमेट वाहन चलाना
  • शराब पीकर वाहन चलाना (Drink & Drive)
  • तेज गति एवं लापरवाही से ड्राइविंग

इन स्थानों पर सघन चेकिंग

दुर्ग के प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है:

  • दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे
  • सेंट्रल एवेन्यु मार्ग
  • सुपेला चौक
  • नेहरू नगर चौक
  • पावर हाउस चौक
  • राजेंद्र प्रसाद चौक
  • जुनवानी चौक

इन स्थानों पर नियमित रूप से हेलमेट चेकिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान जारी है।

पुलिस की रणनीति और सफलता

यातायात पुलिस ने सख्ती के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया है। लगातार समझाइश, अभियान और निगरानी के चलते लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

दुर्ग पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है:

  • हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें
  • शराब पीकर वाहन न चलाएं
  • ट्रैफिक नियमों का पालन करें
  • सड़क सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं

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