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जीवन रक्षा पदक पुरस्कार श्रंखला 2025 के लिए संस्तुतियां

दुर्ग/ जीवन रक्षा पदक श्रेणी के पुरस्कार पानी में डूबने, दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं, बिजली का करंट लगने, भू-स्खलनों, जानवर द्वारा किए जाने वाले हमलों और खदानों में बचाव कार्य आदि जैसी घटनाओं में किसी व्यक्ति की जान बचाने में मानवीय प्रकृति के सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं। जैसाकि पुरस्कार के नाम से यह स्पष्ट होता है कि उक्त पुरस्कार, जान बचाने वाले व्यक्ति को, किसी का जीवन बचाने के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते है। सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक- यह पदक जान बचाने वाले व्यक्ति को, जीवन के प्रति अत्यंत गंभीर खतरे की परिस्थितियों के बीच जाकर जान बचाने में उत्कृष्ट कोटि के साहस का परिचय देने के लिए प्रदान किया जाता है।

उत्तम जीवन रक्षा पदक- यह पदक जान बचाने वाले व्यक्ति को जीवन के प्रति गंभीर खतरे की परिस्थितियों के बीच जाकर जान बचाने में उसके द्वारा साहस और तत्परता का परिचय देने के लिए प्रदान किया जाता है। जीवन रक्षा पदक- यह पदक, जान बचाने वाले व्यक्ति को गंभीर रूप से शारीरिक चोट लगाने की परिस्थितियों के बीच जाकर जान बचाने में साहस और तत्परता का परिचय देने के लिए प्रदान किया जाता है।

इन पुरस्कारों के लिए जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्ति पात्र हैं। सशस़़्त्र बलों और मान्यताप्राप्त अग्नि शमन सेवा आदि के सदस्य भी इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। जैसा की गृह मंत्रालय द्वारा स्थापित ‘‘जीवन रक्षा के लिए प्रधानमंत्री पुलिस पदक‘‘ को ‘‘जीवन रक्षा पदक‘‘ में शामिल कर लिया गया है, सीएपीफ/सीपीओ और पुलिस बलों के सदस्य, जिन्होंने मानव जीवन को बचाने में कर्तव्य के प्रति अनुकरणीय समर्पण दिखाया है, वे भी ‘‘जीवन रक्षा पदक‘‘ के लिए पात्र हैं। यह पुरस्कार मरणोपरांत भी प्रदान किया जाता हैं।

गृह मंत्रालय इन पुरस्कारों के लिए प्रत्येक वर्ष सभी राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र-प्रशासनों, भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य प्राधिकारियों से सिफारिशें आमंत्रित करता है। इन सिफारिशों की जांच एक उच्च स्तरीय पुरस्कार समिति द्वारा की जाती है, जो अपनी सिफारिशें प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति के अनुमोदन के पश्चात्, पुरस्कार प्राप्तकर्ता के विषय में पुरस्कार अंलकरण अर्थात् वित्तीय भत्ते सहित पदक और प्रमाण-पत्र संबंधित संस्तुतकर्ता प्राधिकारियों के पास भेज दिए जाते हैं।

जीवन रक्षा पदक श्रेणी के पुरस्कारों की संस्तुतियों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही गृह मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट किए गए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (URL: https://www.awards.gov.in) पर ही भेजा जा सकता है। इन संस्तुतियों में, वर्णनात्मक प्रारूप में एक प्रशास्ति-पत्र (अधिकतम 250 शब्द) सहित उपर्युक्त पोर्टल पर उपलब्ध फार्मेट में विनिर्दिष्ट समस्त प्रासंगिक विवरणों को, बचावकर्ता द्वारा प्रदर्शित साहस और तत्परता और जीवन के लिए खतरा और विशिष्ट भूमिका, घटना के क्रमवार ब्योरे के साथ-साथ व्यक्ति (जान बचाने वाले) की विशिष्ट भूमिका एवं योगदान का स्पष्ट उल्लेख करते हुए समाहित किया जाना चाहिए।

कोटपा एक्ट 2003 के अतंर्गत चालानी की कार्यवाही

दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कोटपा एक्ट 2003 के तहत् चालानी कार्यवाही की गई। प्राप्त जानकारी अनुसार 22 मई 2025 को ग्राम धनोरा में स्कूल के पास, कॉलेज के पास एवं होटलों के आस-पास पान दुकानों पर तंबाखू, सिगरेट की बिक्री पर चालानी कार्यवाही की गई।

कार्यवाही अंतर्गत धारा 4 के तहत् सार्वजनिक स्थान में धुम्रपान प्रतिबंधित है, साथ ही कोटपा एक्ट की धारा 6 के तहत् स्कूल के 100 गज के दायरे में तंबाखू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है एवं 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को धुम्रपान एवं अन्य तंबाखु उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। तंबाखू उत्पादों का सेवन करते पाए जाने पर समझाईश देने के साथ-साथ नो स्मोकिंग व नाबालिग बच्चों द्वारा तंबाखू उत्पादों पर खरीदी बिक्री पर प्रतिबंध का बोर्ड लगाते हुए कुल 10 चालानी कार्यवाही की गई, जिसमें कुल 1450 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया।

प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 30 मई को, निजी क्षेत्र के 225 पदों पर होगी भर्ती

दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र मालवीय नगर चौक दुर्ग में 30 मई 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस प्लेसमेंट केम्प में वृंदा इंजीनियर्स प्रा.लि. के 220 पद एवं सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड के 5 पद, कुल 225 रिक्त पदों हेतु भर्ती की प्रक्रिया की जाएगी।

जिसमें फिटर 50 के पद, वेल्डर 40 के पद, गैस कटर के 35 पद, ग्राइन्डर के 30 पद, हेल्पर के 50 पद, सैप ऑपरेटर के 3 पद, एन.डी.टी. लेवल-2 के 2 पद, असिस्टेंट इंजीनियर के 4 पद, सेफ्टी ऑफिसर के 2 पद, क्यूए/क्यूसी इंजीनियर के 4 पद एवं स्नातक ट्रेनी इंजीनियर के 5 पद है, उक्त सभी पदों हेतु वेतन 14000 रूपए से 30000 तक है तथा 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा एवं मैकेनिकल इंजीनियर शैक्षणिक योग्यता धारी आवेदक उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित हो सकतें है।

विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ रोजगार एप एवं सोशल मीडिया facebook.com/mccdurg अथवा रोजगार कार्यालय के सूचना पटल के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण/अंकसूची, पहचानपत्र (मतदाता परिचय पत्र/आधार कार्ड/पेनकार्ड/ड्रायविंग लाइसेंस/राशन कार्ड), रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समस्त दस्तावेजों की (छायाप्रति) के साथ प्लेसमेंट / रोजगार मेला में उपस्थित हो सकते हैं।

मृतक के परिजन को मिली 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम ब्रह्माणपारा सण्डी, तहसील धमधा, जिला दुर्ग निवासी शशांक तिवारी की विगत 22 मार्च 2020 को अथगढ़ जिला कटक, उड़ीसा में कपड़े साफ करते समय कुआं में पैर फिसलने पर पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. शशांक तिवारी की पत्नी श्रीमती विजय लक्ष्मी तिवारी को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

29 मई से 12 जून तक दुर्ग में चलेगा ‘‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’’, किसानों को उन्नत तकनीकों और योजनाओं की दी जाएगी जानकारी, वैज्ञानिक करेंगे गांव-गांव संवाद

दुर्ग/ जिले में 29 मई से 12 जून 2025 तक ‘‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’’ खरीफ 2025 प्रारंभ होने के पूर्व कृषि कार्यों की तैयारी के संबंध में खरीफ मौसम के प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक तकनीकांे, किसानांे के लिए उपयोगी विभिन्न विभागीय योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के प्रति जागरूक करने तथा किसानों द्वारा किये गये नवाचार के संबंध में फीडबैक के आधार वैज्ञानिक द्वारा कृषि अनुसंधान की आवश्यक दिशा निर्धारण के उद्देश्यों से चलाया जाना है।

जिले में इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए तीन टीमें प्रति विकासखण्ड हेतु बनाई गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन 2-2 ग्राम प्रति विकासखण्ड एवं जिले में कुल 78 ग्रामों में शिविर आयोजित कर किसानों से सीधा संवाद करेंगी। प्रत्येक टीम में आईसीएआर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, एफपीओ प्रतिनिधि तथा लखपति/ड्रोन दीदी शामिल रहेंगे।

इन शिविरों में प्राकृतिक तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने, कृषि ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग, धान की कतार बोनी/डीएसआर मशीन से बोनी, सोयाबीन में उन्नत फसल तकनीक, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत समीपस्थ लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से फार्मर आईडी तैयार करने, डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरको उपयोग, फसल चक्र परिवर्तन तथा पराली जलों से होने वाले नुकसान/समस्याओं आदि के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

इस हेतु समस्त ग्राम पंचायतों में अभियान का प्रचार-प्रसार और मुनादी के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को शिविरों में आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही आईसीटी माध्यमों से किसानों को जागरूक किया जाएगा। अभियान की प्रभावी निगरानी हेतु उप संचालक कृषि कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिले के किसानों से अपील की यह है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता कर उन्नत खेती अपनाएं और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें।

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