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Yogi Adityanath: दशहरे के मौके पर बोले- श्रीराम मंदिर का निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है

सीएम ने बताया कि गोरक्षपीठ की परंपरा मानसरोवर मन्दिर में भगवान मानसरोवर का अभिषेक करने के उपरांत यहां आकर श्रीराम का राजतिलक करने की परंपरा से जुड़ी हुई है. यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से पीठ के महंत करते आये हैं.

Yogi Adityanath ने बताया कि गोरक्षपीठ की परंपरा मानसरोवर मन्दिर में भगवान मानसरोवर का अभिषेक करने के उपरांत यहां आकर श्रीराम का राजतिलक करने की परंपरा से जुड़ी हुई है. यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से पीठ के महंत करते आये हैं.

UP News: रामलीला मैदान में दशहरे के अवसर पर भगवान राम के राज्याभिषेक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को विजय दशमी की बधाई दी. इसी के साथ उन्होंने कहा कि आज भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है.

Yogi Adityanath गोरखपुर. जिले के मानसरोवर रामलीला मैदान में दशहरे के अवसर पर भगवान राम के राज्याभिषेक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म केवल उपासना विधि ही नहीं, एक प्रेरणा है. इससे हम सभी लोग जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि जब तक श्रीराम कथा का पान घर-घर में होगा देश का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकेगा. 500 सालों से अयोध्या में गुलामी के जिन बादलों ने अपमानित करने का कार्य किया था वो आज सब छंटते गए. आज अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण युद्ध स्तर पर हो रहा है. आज भारत में रामन्दिर के निर्णय के बाद भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है.
सीएम ने कहा कि आज विजयदशमी के पर्व पर देश दुनिया मे जो भारतीय है वो आज के इस आयोजन को हर्षोल्लास के साथ अपने घर मे मनाता है. आप सबको विजयदशमी की हार्दिक बधाई देता हूं. युगों पूर्व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अत्याचार के प्रतीक रावण का वध किया था और इस घटना के साक्षी हम रामलीला आयोजन के जरिये बनते हैं. अपने जीवन का हिस्सा मानकर निरन्तर उस पथ का अनुसरण करने का प्रयास करते हैं जो श्रीराम ने युगों पूर्व किया था. रामलीलाओं का आयोजन सन्त तुलसीदास ने मध्यकाल में किया था. उस कालखण्ड में राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का प्रयास उन्होंने किया था.
सीएम ने बताया कि गोरक्षपीठ की परंपरा मानसरोवर मन्दिर में भगवान मानसरोवर का अभिषेक करने के उपरांत यहां आकर श्रीराम का राजतिलक करने की परंपरा से जुड़ी हुई है. यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से पीठ के महंत करते आये हैं. चेहरे बदलते गए पर रामलीला का मंचन इसी तरह से पीढ़ियों से होता आया है.
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना इस सदी की सबसे बड़ी महामारी है और लाखों लोगों ने अपनो को खोया है लेकिन दुनिया ने भारत के आयुष पद्धति को अपनाया है. काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम एक नए स्वरूप में आगे बढ़ रहा है. श्रीराम भारत के परम्परा में धर्म के प्रतीक हैं. धर्म के जो भी गुण है वो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम में दिखाई देते हैं.
सीएम ने कहा कि पूरा भारत श्रीराम के साथ अपने आपको जोड़कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है. हम जिसकी पूजा करते हैं उनके अनुरूप बनने का प्रयास करना चहिए. केवल विचार से नही बल्कि आचरण से भी श्रीराम के आचरण को स्वीकार करना चहिए. उन्होंने कहा कि भाई, पिता पुत्र, मां पुत्र, पति पत्नी के बीच अगर कोई विवाद की स्थित है तो हमें श्रीराम के अदर्श का हमे स्मरण करना चाहिए. लोक कल्याण के लिए प्रदेश की भलाई के लिए हम मर्यादा पुरूषोत्तम के आदर्श पर चलने का प्रयास कर रहे हैं. हमने गरीब अमीर में भेद नही किया.

 

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