छत्तीसगढ़

पिता ने प्रेमी के साथ जाने दिया, बाद में नाबालिग का अपहरण की रिपोर्ट कर दी

नाबालिग का अपहरण । सामाजिक रजामंदी के बीच नाबालिग बेटी के प्रेम को पिता की रजामंदी मिल गई, बावजूद उसके बेटी लापता हुई तो पिता ने मामला दर्ज करा दिया. नाबालिग ने बलात्कार के अलावा दो माह के गर्भ को गर्भपात करना बताया तो कथित प्रेमी को पुलिस ने जेल भेज दिया. देवभोग थाने में 10 माह में अनाचार के 7 मामले दर्ज हुए, जिसमे 5 नाबालिग के साथ हुआ है.

दैहिक शोषण व बलात्कार का एक और मामला देवभोग थाने में दर्ज हुआ। इस मामले के साथ बीते 10 माह में अनाचार के कुल 7 मामले दर्ज हो गए, जिसमे 5 तो नाबालिग के साथ हुआ है. सभी मामले में शादी का प्रलोभन वजह बना है. थाना प्रभारी विकास बघेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सिनापाली निवासी सुभाष साहू 28 वर्ष के खिलाफ आईपीसी की धारा 363,366 एवं 376 के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आज न्यायालय में पेश किया गया. जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कराया गया है.

लाचार पिता को जब देना पड़ा था रजामंदी-

पुलिस ने बताया की आरोपी 6 माह पहले नाबालिग पीड़िता को भगा ले आया था. आरोपी सजातीय होने के कारण सामाजिक निर्णय लेकर दोनों को साथ रहने की सहमति दे दिया गया था. समाज के दबाव के आगे लाचार पिता ने रजामंदी दे दिया था. लेकिन 19 सितम्बर को पिता ने देवभोग थाने आकर बेटी के लापता होने की सूचना दिया. पुलिस ने मामले में अपहरण की धारा 363 कायम कर खोजबीन शुरू कर दिया था. बरामदगी के बाद बयान दर्ज के लिए पीड़िता को बाल कल्याण समिति में पेश किया. कलमबद्ध बयान में पीड़िता ने प्रेमी पर 6 माह से दुष्कर्म करने और 2 माह का गर्भ भी ठहरा था लेकिन तबियत खराब होने के बाद दवा का सेवन किया जिससे गर्भपात हो गया.

बढ़ते मामले, चिंता का विषय-

थाना क्षेत्र में अनाचार के बढ़ते मामले को लेकर पुलिस चिंतित है विवेचना के दरम्यान पुलिस ने इन सभी मामले में बहला फुसला कर नाबालिग को अपने वश में करने की बात सामने आई है. थाना प्रभारी विकास बघेल ने मामले को चिंता जनक तो बताया है. साथ ही कहा है कि आला अफसरों से मार्गदर्शन लेकर जागरूकता कार्य्रकम जैसे आयोजन करवाने की मंशा बना रहे हैं.

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