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छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा व खेल को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री गुरू रुद्रकुमार

रायपुर / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने आज मुंगेली में छत्तीसगढ़़ के पहले त्यौहार हरेली पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का शुभारंभ किया। उन्होंने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम परिसर में पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गौमाता को हरा-चारा व फल खिलाकर जिलेवासियों को हरेली पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर ग्राम पंचायत लिलवाकापा के 18 से 40 आयुवर्ग की महिला टीमों के बीच कबड्डी खेल के लिए टास कराकर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का शुभारंभ किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों व गणमान्य नागरिकों के साथ बांटी, गिल्ली-डंडा, गेंड़ी, रस्साकसी सहित कई खेलों में हाथ भी आजमाया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा, पर्व और खेलों को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सभी वर्ग के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आमजनता को सीधा लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है और आज से ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल की शुरुआत हो रही है। इसके लिए भी आप सभी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।

इस अवसर पर कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लेखनी सोनू चंद्राकर, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  थानेश्वर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  हेमेंद्र गोस्वामी सहित कलेक्टर राहुल देव ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजीत बनर्जी, आदर्श कृषि उपज मण्डी मुंगेली अध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण सदस्य सुश्री रत्नावली कौशल, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के सदस्य प्रभु मल्लाह, छत्तीसगढ़ रजक कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष दुखुवाराम निर्मलकर, छत्तीसगढ़ ऊर्दू अकादमी बोर्ड के सदस्य एजाज खोखर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी सहित कोच उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेलों गिल्ली-डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेंड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सीकूद और कुश्ती का आयोजन किया जाएगा। इस खेल प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर महिला एवं पुरूष वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।

इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग और तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के लिए 06 स्तर निर्धारित किये गये है। इसके अनुसार पहले ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र स्तर पर राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर पर 22 जुलाई तक खेलों का आयोजन नाकआउट पद्धति से होगा। जोन स्तर पर 26 जुलाई से 31 जुलाई तक, विकासखण्ड-नगरीय स्तर पर 07 अगस्त से 21 अगस्त तक, संभाग स्तर पर 10 सितम्बर से 20 सितम्बर तक और राज्य स्तर पर 25 सितम्बर से 27 सितम्बर तक छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के उपरांत विजेता प्रतिभागी-दलों को राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के अंतिम दिवस के अवसर पर पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा।

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