
दुर्ग / नगर पालिक निगम, दुर्ग द्वारा पुलगांव स्थित गोकुल नगर संचालित शहरी गौठान में आयुक्त लोकेश चन्द्राकर अधिकारियों के साथ पहुँचे।उन्होंने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी,वर्मी कंपोष्ट शेड एवं केचुआं पालन तथा मवेशियों के देखभाल का अवलोकन किया। मौके पर गोठान प्रभारी दीपक साह, उपायुक्त मोहेंद्र साहू, एसडी शर्मा,स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली,विनोद मांझी,मोहित मरकाम आदि मौजूद रहें।
गौठान संचालन करने वाली महिला स्व सहायता समूह गायत्री डोटे ,व्यवस्थापक देवाशीष ने बताया कि गो-पालकों से खरीदे गए गोबर को रोस्टर सिस्टम से कंपोष्ट पीट में डाला जाता है,उन्होंने बताया कि गोबर से अन्य उत्पाद भी बनाया जा चुका है,समूह की महिलाएं द्वारा निरीक्षण के दौरान वर्मी कंपोष्ट शेड,पीट से निकलने के बाद खाद बनाने की प्रक्रिया और गोठान के मवेशियों के रहने,चारा पानी की व्यवस्था की जानकारी संचालन समिति के सदस्यों से लिये।आयुक्त ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है
जिसका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन करना आवश्यक है उन्होंने महिला स्व.सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर केन्द्रों में वर्मी खाद निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।इस दौरान समूह की महिलाओं ने गोठान संचालन के पंजी का भी अवलोकन कराते हुए अब तक खरीदे गए गोबर, विक्रय किये गये वर्मी खाद,गोबर से दीया,गमला, मूर्ति जैसे बनाए हुए अन्य उत्पाद की जानकारी दिये।
गोठान संचालन करने वाली कल्याणम समूह की महिलाओं ने बताया कि यहां की महिलाएं मुर्गी,बटेर,एवं मछली पालन कर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रही है। गोधन न्याय योजना के सफलतम क्रियान्वयन के लिये लगातार गोधन केन्द्रों का निरीक्षण कर महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनके परिणाम स्वरूप महिलाये आत्मनिर्भर बन रही है।
गौरतबल है कि शहरी गोठान में रहने वाले सभी मवेशियों के स्वास्थ्य की जांच समय समय पर पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों द्वारा किया जाता है, इनके रहने के लिए सामाजिक सहभागिता से दो स्थानों पर शेड भी बनाया गया है जिससे मवेशियों को धूप और बारिश से बचाया जा सके।सभी मवेशियों को चारा पानी देने के लिए कोटना का निर्माण भी किया गया है। उन्होंने गौठान में मवेशियों के लिए चारा को यूरिया ट्रीटमेंट करके खिलाने का निर्देश दिये। जिससे इनका स्वास्थ्य ठीक रहे।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे