
धमतरी. पुत्र कुपुत्र जायते पर माता कुमाता न भवति अर्थात पुत्र तो कुपुत्र हो सकता है परंतु मां अपने पुत्र के लिए कभी बुरा नहीं सोच सकती अर्थात कुमाता नहीं हो सकती किन्तु धमतरी जिले के बगौद गांव में ऐसी घटना सामने आई है जिसमें एक 7 दिन के बच्चे को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
पुलिस की तत्परता से नवजात की मौत के रहस्य से पर्दा उठ गया है. पुलिस ने नवजात की हत्या के आरोप में उस कलयुगी मां को गिरफ्तार कर लिया है. कातिल मां के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.
दरअसल, बीते मंगलवार को दिनेश्वरी बंजारे नाम की महिला का 7 दिन के बच्चे की लाश गांव के बाहर लावारिस हालात में मिली. पूछताछ में दिनेश्वरी ने पुलिस को बताया था कि, रात में जब वो शौच के लिए गई थी. तभी कमरे के अंंदर पलंग पर सोया उसका बच्चा गायब हो गया.
कुरुद थाना पुलिस ने मामले की गहराई से जांच कर महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. पुलिस ने बताया कि, दिनेश्वरी से पूछताछ की गई तो बताया कि, शारीरिक कमजोरी के कारण दोबारा गर्भवती होने से बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती थी. परिवार वालों के दबाव में दूसरी संतान को 20 मार्च को जन्म दिया.
दोनो बालकों के पालन पोषण में परेशानी होने के कारण नवजात शिशु को तालाब में फेंककर मौत के घाट उतार दिया. आरोपी दिनेश्वरी बंजारे को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है.
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