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स्कूल को 7 लाख की जगह 72 लाख किया भुगतान: 3 साल बाद भंडाफोड़ मगर दोषियों के खिलाफ FIR नहीं…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में किस तरह से सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है, इसे प्रायवेट स्कूल को किये गए 72 लाख के भुगतान से समझा जा सकता है। जिले के डीईओ आफिस के बाबू ने मयूरा कान्वेंट को 72 लाख का भुगतान गुपचुप तरीके से कर दिया। इतने बड़े घोटाले का मामला जब मीडिया में तूल पकड़ा तो डीईओ ने स्कूल संचालक से 37 लाख रुपए जमा करवाए। मगर बाकी राशि अभी भी फंसी हुई है।

इस मामले शिक्षा विभाग के बाबू को सस्पेंड कर डीईओ ने पल्ला झाड़ लिया। इसके अलावा दैनिक वेतन भोगी कम्प्यूटर ऑपरेटर को नौकरी से हटा दिया गया। बड़ी बात ये हैं कि इतने बड़े घोटाले को अंजाम देने वाले बाबू और ऑपरेटर के खिलाफ अब तक के न ही एफआईआर दर्ज हुई है और न ही निजी स्कूल के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई। उल्टा उसे रकम लौटाने के लिए मोहलत दे दी गई है।

बता दें, बलौदा ब्लॉक के मयूरा कान्वेंट निजी स्कूल को शिक्षा के अधिकार के तहत मिलने वाली अनुदान राशि 7 लाख की जगह 72 लाख रुपए भुगतान कर दिया। यह फर्जीवाड़ा तीन साल पहले किया गया था। मामले की पड़ताल की गई तो डीईओ एचआर सोम ने क्लर्क शिवानंद राठौर को सस्पेंड किया।

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