सिंदूर से पिता की डेड बॉडी पर खेलती रहीं जुड़वां बच्चियां, ड्यूटी पर गई थी डॉक्टर मां…

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. इस मार्मिक घटना में एक सरकारी डॉक्टर की हार्ट अटैक से अचानक घर में मौत हो जाती है. कमरे में मौजूद अबोध जुड़वां बेटियों को कुछ समझ नहीं आता और दोनों ही अपने पिता के मृत शरीर पर खेलने लगती हैं.
इस दौरान बच्चियां अपनी मां के रखे सिंदूर को पिता के मृत शरीर पर लगाने लगती हैं. ड्यूटी से लौटी अनजान मां जब यह दिल दहला देने वाला नजारा देखती है तो घर में कोहराम मच जाता है. यह पूरा मामला थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के काशीनगर मोहल्ले का है.
यहां सरकारी डॉक्टर दंपत्ति राजेश मोहन गुप्ता और डॉ. वीणा गुप्ता एक किराए के मकान में पिछले करीब 5 साल से रह रहे थे. MBBS डॉक्टर राजेश मोहन गुप्ता शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर बाजूडीहा गांव में तैनात थे, जबकि उनकी पत्नी शहर में एक CHC पर तैनात हैं.
हर रोज की तरह 26 जुलाई को दिन के करीब 1:30 बजे वीणा गुप्ता अपने घर आती हैं, तो उन्हें दरवाजा बंद मिलता है. वह अपने पति को बाहर से आवाज देने लगती हैं और जोर-जोर से दरवाजा पीटती हैं,
लेकिन अंदर से कोई आवाज न आती देख वह अपने मकान मालिक को ऊपरी मंजिल पर बुलाती हैं, लेकिन फिर भी दरवाजा नहीं खुलता. तब जाकर मोहल्लेवालों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा जाता है, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान हो जाते हैं.
डॉक्टर वीणा गुप्ता बताती हैं कि जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर देखा कि पति बेड पर बेसुध पड़े हुए थे और दो जुड़वां बच्चियां अपने हाथों और गालों पर सिंदूर लगाकर अपने पिता के शरीर पर खेल रही थीं. मासूम बच्चियों ने अपने पिता के पैर और पेट पर भी सिंदूर लगा दिया था.
यह सब देख डॉक्टर वाइफ पति को बचाने के लिए शोर मचाने लगती हैं, और उन्हें अंदेशा हो जाता है कि उनके पति को दिल का दौरा पड़ा है, इसलिए वह अचेत पड़े पति को खुद भी बचाने की कोशिश करती हैं और सीने को दबाकर सीपीआर देने की कोशिश करती रहती हैं.
उधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. कमरे में बेसुध पड़े डॉ. राजेश मोहन गुप्ता को गाड़ी में लादकर जिला अस्पताल ले गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. मृतक डॉक्टर का तीन डॉक्टरों की देखरेख में पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है.
पुलिस ने बताया कि मृतक डॉक्टर राजेश मोहन गुप्ता बनारस के रहने वाले थे, जबकि उनकी पत्नी वीना गुप्ता लखनऊ की रहने वाली हैं. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर के पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंप दिया.
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