
राजधानी से सटे मंदिर हसौद के पिपरहट्टा में किसान दिनेश ठाकुर की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने 9 दिन तहकीकात के बाद किसान की भाभी और पड़ोसी को गिरफ्तार किया है।
दोनों को मंगलवार को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया है। किसान ने अपनी भाभी के हाथ का भोजन करना छोड़ दिया था। दोनों में बातचीत भी बंद हो गई थी। उसने अपनी भाभी को रात में किसी के साथ देखकर नाराजगी जताई थी।
उसके बाद महिला ने पड़ोसी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 15 मई की आधी रात पड़ोसी के साथ मिलकर दिनेश के सिर को पत्थर से कुचल दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि पिपरहट्टा में दिनेश ठाकुर (52) अपने भाई-भाभी और बुजुर्ग मां के साथ रहता था। उसकी पत्नी कई सालों से बच्चों के साथ अलग रहती है। वह किसानी करता था। 15 मई की सुबह कमरे में दिनेश का शव मिला था।
उसी समय से पुलिस को शक था कि हत्या में घर के किसी सदस्य का हाथ है। पुलिस शक के आधार पर लगातार परिजनों से पूछताछ कर रही थी। तकनीकी जांच के दौरान पड़ोसी गजानंद बैस उर्फ दरोगा(53) का नंबर मिला।
उसे घटना की रात दिनेश के घर के बाहर देखा गया था। पुलिस ने शक के आधार पर गजानंद को हिरासत में लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की। उसने हत्या करना कबूल कर लिया। गजानंद ने पुलिस को बताया कि
उसका दिनेश की भाभी कल्याणी ठाकुर (45) से संबंध था। इसकी जानकारी दिनेश को हो गई थी। इसलिए वह अपनी भाभी से झगड़ता था। उसने भाभी के हाथ का बना भोजन करना छोड़ दिया था।
वह लगातार भाभी को धमकी दे रहा था कि वह पड़ोसी से मिलना जुलना छोड़ दे। घटना के कुछ दिन पहले भी उसने जान से मारने की धमकी दी थी। तब दिनेश ही हत्या करने की साजिश रची गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों घर पर अपने कमरे में सो रहे दिनेश के सिर को पत्थर से इतनी बुरी तरह कुचला था कि उसी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सुबह कमरे में उसकी लाश मिली थी।
इधर, 8 हजार के मोबाइल के लिए दोस्त की हत्या, नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार
खमतराई इलाके में 19 वर्षीय युवक की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने युवक के चार दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने आठ हजार के मोबाइल के लिए उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले युवक के हाथ-पैर को बांधा और जमकर पिटाई की।
फिर चाकू से पूरे शरीर को गोद दिया। उसके बाद पटरी पर लेटाकर भाग निकले। पुलिस ने बताया कि खमतराई निवासी विशेक सेंद्रे 20 मई से गायब था। रात में वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को अनहोनी का अंदेशा हुआ।
उन्होंने खमतराई थाने में गुमशुदगी की शिकायत की। दूसरे दिन सुबह 6 बजे डीआरएम ऑफिस के पीछे रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिला। ट्रेन से कटने से युवक के दो टुकड़े हो गए थे।
पुलिस ने शव को अंबेडकर अस्पताल की मर्चूरी में भेज दिया। यहां चाकू मारकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने पड़ताल शुरू की। आखिरी बार विशेक को गुढ़ियारी के एक नाबालिग के साथ देखा गया था। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई।
नाबालिग ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसके बाद जीतू महानंद, दौलत निर्मलकर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिग ने विशेक को अपना मोबाइल दिया था, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे
http://jantakikalam.com