छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रखर सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से साहू समाज प्रदेश को आगे ले जाने में दे रहा महत्वपूर्ण योगदान : मंत्री गुरू रूद्रकुमार

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार आज दुर्ग जिले के ग्राम देवबलौदा में आयोजित कर्मा जयंती एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने 5 लाख की लागत से बने साहू समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि साहू समाज अपनी सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से न केवल सामाजिकजनों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है ।

अपितु अपने सेवा कार्यों से और जनजागरूकता गतिविधियों से प्रदेश को भी आगे ले जाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने साहू समाज के लोगों को मां कर्मा जयंती की बधाई देते हुए कहा कि माँ कर्मा साहू समाज की पूज्य हैं, आज प्रमुख वक्ताओं ने उनके जीवनचरित्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह बड़ी अच्छी बात है कि लोग अपनी सामाजिक परंपराओं को सहेजकर रख रहे हैं और इतना सुंदर आयोजन कर रहे हैं।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि राज्य शासन ने कर्मा जयंती के अवसर पर शासकीय अवकाश घोषित किया है। यह बहुत बड़ा निर्णय रहा। इससे पता लगता है कि छत्तीसगढ़ सरकार हमारे सांस्कृतिक सरोकारों को अक्षुण्ण रखने में गहरी रुचि रखती है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में लगातार लोगों के साथ मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत हो रहे हैं ।

और इसका हर संभव निराकरण किया जा रहा है। लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर बड़े पैमाने पर कार्य पूरे क्षेत्र में स्वीकृत हुए हैं। समाज के लोगों को ऐसे आयोजन के लिए अधिक अच्छा अवसर मिले, इसके लिए सामुदायिक भवन जैसी माँग पर भी घोषणा की जा रही है। सबसे बड़ा काम पेयजल को लेकर हो रहा है।

जलजीवन मिशन के माध्यम से हमने सुनिश्चित किया है कि हर घर में लोगों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मिल सके। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर गाँव-गाँव में जलजीवन मिशन के माध्यम से शुद्ध जल पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि लोगों के कौशल को और ज्यादा निखारने और आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन्हें और भी बढ़ाएं।

ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके माध्यम से लोग हुनरमंद हो रहे हैं और अपना स्वयं का व्यवसाय आरंभ कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला के सरंक्षण  और उसके संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। शिल्प कला के उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गांव-गांव में गौठान को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस प्रकार ऐसे स्थानीय उत्पाद जो ग्रामीण स्तर पर ही बनाये जा सकते हैं। वे गौठान में ही बनाये जा रहे हैं। इनके विक्रय के लिए सीमार्ट में विशेष रूप से प्रबंध किया जा रहा है।

इस मौके पर भिलाई-3 के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं साहू समाज के पदाधिकारियों ने भी समारोह को संबोधित किया तथा क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे

http://jantakikalam.com

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button