
दुर्ग / गोधन न्याय योजना के अंतर्गत हर दिन गौठानों में हो रही गतिविधियों की जानकारी अब गौठान में ही अंकित सूचना पटल से मिल सकेगी। सूचना पटल में अंकित होने से हर दिन बेहतर काम करने की दिशा में इच्छाशक्ति और भी मजबूत होगी। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने कहा कि गौठानों में गोबर क्रय का विवरण, कुल वर्मी उत्पादन, अर्जित लाभ जैसी जानकारी दो तरह से लिखें। एक तो मासिक आधार पर और दूसरा दैनिक आधार पर ताकि प्रगति को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया जा सके। श्री देवागंन ने कहा कि गौठान को स्वावलंबी बनाने के लिए सभी गौठानों में आजीविका गतिविधि किया जाना है।
गौरतलब है कि जिले में 282 गौठान निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें जनपद पंचायत दुर्ग में 72 गौठान, जनपद पंचायत धमधा में 125 गौठान, जनपद पंचायत पाटन 115 गौठानों को पूर्ण किया गया है। जिन गौठानों में बाड़ी एवं चारागाह स्थापित किया गया वहां सिंचाई हेतु पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश उन्होंने दिये।
साथ ही यहां आजीविका गतिविधि को संचालन करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि गौठानों में आजीविका मुर्गी पालन, बकरी पालन, सब्जी-भाजी उत्पादन, मिनी राईस सह पनोर मिल, मशरूम उत्पादन, डबरी/तालाब में मछली पालन, आचार एवं पांपड़ निर्माण संसाधन, गोबर से लकडी निर्माण, अगरबत्ती, निर्माण जैसे कार्य किये जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए उठाव पर नजर रखना बेहद आवश्यक है। वर्मी कंपोस्ट का जितनी तेजी से उठाव होगा, यह योजना उतनी ही बेहतर तरीके से क्रियान्वित होगी। उन्होंने कहा कि देखा गया है कि वर्मी कंपोस्ट के माध्यम से जिन किसानों ने खेती की है उनकी फसल बढ़िया रही है।
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