
छत्तीसगढ़ और झारखंड में 100 से अधिक लोगों से मैट्रिक पास शख्स ने 4 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। शिकायत के बाद जशपुर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से चेक बुक, डेबिट व क्रेडिट कार्ड के साथ ठगी की रकम से खरीदी गई इनोवा कार भी जब्त की गई है।
आरोपियों ने फर्जी समाजसेवी संगठन की आड़ में राजस्व अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षकों को जाल में फांस कर लाखों रुपये ऐंठ लिए।जशपुर एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि दो दिन पूर्व फरसाबहार निवासी पटवारी ओसवाल्ड विभु खलखो ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि झारखंड निवासी आरोपी स्तानीलिस टोप्पो ने आधे कीमत में स्कार्पियो और होम लोन दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये लिया है।
इसके बाद न तो गाड़ी मिली और न ही होम लोन। इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी स्तानीलिस टोप्पो तक पहुंची तो उसने बताया कि वह समाजसेवी संगठन चलाता है और इसके माध्यम से वह लोगों को सस्ते में वाहन और होम लोन उपलब्ध कराता है।
तीनों आरोपी झारखंड के रहने वाले
संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने झारखंड और छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक लोगों से 4 करोड़ रुपये की ठगी का अपराध स्वीकार किया। मुख्य आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने दो सहयोगी कृष्णा उरांव और प्रदीप लकड़ा को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपित झारखंड के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
लोगों को भरोसे में लेकर करते थे ठगी
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि एनजीओ की आड़ में आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर महंगे चार पहिया वाहन को आधी कीमत में दिलाने और दो लाख जमा करने पर 9 लाख का होम लोन उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। लालच में आकर लोग इन शातिरों के जाल में फंस जाते थे।
रुपये लेने के बाद आरोपी किसी फाइनेंस कंपनी के माध्यम से लिए गए रकम में से आधी रकम जमा कर गाड़ी फाइनेंस करा दिया करते थे। वाहन मिलने से रुपये देने वाले को आधी कीमत में नई गाड़ी मिलने का भ्रम हो जाता था। आरोपितों की पोल उस वक्त खुली जब वाहन लेने वाले लोगों को लोन की किस्त पटाने के लिए फाइनेंस कंपनी से नोटिस मिलने लगा। व
हीं कुछ को रकम लेने के बाद इन शातिरों ने ना तो वाहन दिया और ना ही रकम वापस की है। इसी तरह शातिर ठग 2 लाख रुपये जमा करने के बाद 10 से 15 लाख रुपये होम लोन दिलाने का झांसा देकर भी ठगी किया करते थे।
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