

संगठन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस पर निर्णय लेते तक किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई नही रोकी जाएगी और फीस जमा नही किए जाने की स्थिति मेें भी स्कूल से नहीं निकाला जाएगा । इसका तात्पर्य है कि कोरोना संक्रमण में अनाथ हुए बच्चों को बिना फीस के स्कूलों में पढ़ाएगा। ऐसी स्थिति में निजी स्कूलों की तरफ से लिया गया यह निर्णय वाकई तारीफ के काबिल है और इसे ऐतिहासिक भी कहा जा सकता है। गौरतलब है कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का दाखिला कराया जाता है।
अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि यदि आपकी जानकारी में यदि ऐसा कोई परिवार हो तो हमारी वेबसाइट cgpsma.com पर पंजीयन करा सकते हैं। दिक्कत होने पर 9993699665 पर संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं।
यदि आपके पास हो ऐसे बच्चों की जानकारी तो पंजीयन अवश्य करें