बिलासपुर और रायपुर की तर्ज पर दुर्ग में भी बनेगी दुर्ग शहर विकास समिति

दुर्ग / रायपुर और बिलासपुर की तर्ज पर दुर्ग में भी दुर्ग शहर विकास समिति बनेगी। समिति की नियमित अंतराल में बैठक होगी और इसमें शहर के विकास को आगे ले जाने की योजनाओं पर चर्चा होगी। यह निर्णय आज दुर्ग शहर के विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक में हुआ। बैठक में महापौर ने इस संबंध में सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि विधायक दुर्ग अरुण वोरा की अध्यक्षता में ऐसी समिति बनाई जा सकती है। इस पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सुझाव को अमलीजामा पहनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
उन्होंने कहा कि रायपुर में समिति का काम किस तरह होता है इसका अध्ययन कर लें और शीघ्र ही इसका गठन कर लें। बैठक में विधायक अरुण वोरा ने कहा कि दुर्ग शहर के विकास के लिए अच्छी योजनाएं शासन ने तैयार की हैं और इस पर क्रियान्वयन किया जा रहा है, इससे तेजी से शहर का स्वरूप निखर रहा है। विभागीय समन्वय से चीजें और भी बेहतर होती हैं क्योंकि निगम प्रशासन के भी बहुत कुछ कार्य अन्य विभागों से संबंधित होते हैं ऐसे में इस तरह की समन्वयात्मक बैठकों का विशेष महत्व होता है।
अपनी बात रखते हुए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि दुर्ग निगम में चल रहे कार्यों की निरंतर मानिटरिंग की जा रही है। जो अच्छे प्रस्ताव शहर की बेहतरी के लिए लाये गये हैं उन्हें शासन के समक्ष भेजा गया है। शासन स्तर से निरंतर समन्वय कर कार्यों को गति दी जा रही है। बैठक में विधायक श्री वोरा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि की बेहतरी से संबंधित विभागीय समन्वय के बारे में कुछ सुझाव दिये। महापौर ने भी शहर के अधोसंरचना विकास से संबंधित विषय रखे।
कलेक्टर ने कहा कि इसकी मानिटरिंग संयुक्त कलेक्टर के स्तर पर होगी। बैठक में नागरिकों की बेहतरी से संबंधित जो भी कार्य सुझाये गये हैं उन पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की शहर विकास से संबंधित समीक्षा बैठक शीघ्र ही अन्य निगमों में भी होगी। उन्होंने इसके बाद पूरे शहर की अधोसंरचनाओं का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, आयुक्त हरेश मंडावी, एसडीएम विनय पोयाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अधोसंरचना- बैठक में ठगड़ा बांध, आडिटोरियम, सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि तेजी से गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य हमारा लक्ष्य है। इस उद्देश्य से नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। आज कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ सड़क चौड़ीकरण के कार्य भी देखे और वायशेप ब्रिज से लेकर गंज पारा तक निर्माणाधीन कार्यों का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि सभी कार्य प्राथमिकता से समय पर पूरे होंगे। जिन कार्यों में समन्वय की जरूरत थी, उन पर आज चर्चा कर ली गई है। इस पर नगरीय प्रशासन विभाग से चर्चा कर जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा।
शिक्षा- शहर में आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों के संबंध में विशेष रूप से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि हमारा फोकस बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराना है। इसके लिए डीएमएफ मद से भी राशि दी गई है। विधायक निधि से भी राशि उपलब्ध कराई गई है। दीपक नगर में स्कूल का कार्य अच्छा हो रहा है। जेडीएस भी अपने पुराने स्वरूप में निखरेगा। इसके लिए निर्देश दिये गये हैं।
पेयजल- बैठक में विधायक ने पेयजल का मुद्दा भी रखा। उन्होंने कहा कि गर्मी आने को है और निगम प्रशासन इसकी तैयारी कर लें। निगम आयुक्त ने बताया कि पुरानी पाइपलाइन से नई पाइपलाइन कनेक्शन के लिए कुछ समय शटडाउन करना पड़ता है कोशिश होती है कि शीघ्रता से यह काम पूरा हो जाए।
इंदिरा मार्केट की ट्रैफिक- बैठक में इंदिरा मार्केट की ट्रैफिक पर विशेष रूप से चर्चा हुई। विधायक और महापौर ने ट्रैफिक के लिए एक विशेष जगह चिन्हांकित करने का सुझाव दिया। कलेक्टर ने निगम आयुक्त एवं अधिकारियों को इसके लिए जगह चिन्हांकित करने तथा ट्रैफिक की समस्या का निदान करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।
महमहा घाट सौंदर्यीकरण- कलेक्टर ने शिवनाथ नदी के किनारे घाट का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने लैंडस्केपिंग और ब्यूटीफिकेशन के लिए बने प्रपोजल को देखा और अधिकारियों को इसमें सुझाव दिये। उन्होंने पूरा काम शीघ्र पूरा करने निर्देश दिये।
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