छत्तीसगढ़दुर्ग

फाग गीत हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति की अमूल्य परंपरा है -ताम्रध्वज साहू

दुर्ग । ग्रामीण अंचल में चल रहें दो दिवसीय फाग महोत्सव एवं झांकी कार्यक्रम के आयोजन में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू शनिवार को दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के ग्राम थनौद,बिरेझर, चंगोरी, खाड़ा, मासाभाट, आलबरस एवं ग्राम अछोटी में शामिल हुये इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि होली आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है, और ऐसे आयोजनों से हमारी लोक संस्कृति जीवित रहती है।

कहा कि फाग गीत हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति की अमूल्य परंपरा है, जो युगों से चली आ रही है। फागुन माह में गांव और शहरों में जगह-जगह फाग गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है, जिसमें ग्रामीण एकजुटता के साथ भाग लेकर आपसी भाईचारे और मिलजुलकर रहने का संदेश देते हैं।

उन्होंने कहा कि होली जैसा हृदय को आनंदित करने वाला दूसरा कोई पर्व नहीं है। ऐसे आयोजनों में आप सभी के बीच पहुंचना मेरे लिए केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवार से मिलने जैसा अनुभव होता है। फाग के मधुर गीत, ढोल-नगाड़ों की थाप और रंगों में घुला भाईचारा हमारी लोकसंस्कृति की जीवंत पहचान है।

श्री साहू ने कहा कि अपनों के बीच मिलने वाला प्रेम, विश्वास और सम्मान ही उन्हें निरंतर जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।आयोजन कर्ता गणों को गुलाल लगाया फाग गायकों के उत्साह की सराहना करते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने फाग गायकों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों की यह कला हमारी असली धरोहर है, जिसे सहेज कर रखना हम सभी का दायित्व है।

इस अवसर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस देवेंद्र देशमुख, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग राकेश हिरवानी, रिवेन्द्र यादव,पूर्व जनपद सदस्य रुपेश देशमुख,लजकुमार, हीरामन देशमुख, नंदकुमार साहू, देवलाल साहू, आशा देशमुख, देवी सिंह देशमुख, शिवनारायण दिल्लीवार, नेमन दिल्लीवार, बसंत देशमुख,अन्य पदाधिकारियों सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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