छत्तीसगढ़दुर्ग

‘नराकास, भिलाई-दुर्ग’ की 62वीं छमाही बैठक संपन्न…

भिलाई-दुर्ग’ – ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग’ की 62वीं छमाही बैठक दिनांक 24 फरवरी 2026 को सिविक सेन्टर स्थित भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में उप निदेशक, (कार्यान्वयन) एवं कार्यालयाध्यक्ष, भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) भोपाल नरेन्द्र सिंह मेहरा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई।

भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं अध्यक्ष, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग चित्त रंजन महापात्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) भिलाई इस्पात संयंत्र पवन कुमार उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथिगण ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क व प्रशासन एवं जनसंपर्क) भि.इ.सं. अमूल्य प्रियदर्शी एवं महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) भि.इ.सं. तथा सचिव, नराकास, भिलाई-दुर्ग राजीव कुमार ने शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंटकर अतिथिगण का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि नरेन्द्र सिंह मेहरा ने नराकास भिलाई-दुर्ग की सराहना करते हुए कहा कि नराकास भिलाई-दुर्ग का इतिहास आरंभ से ही गौरवशाली रहा है। उन्होंने नराकास, भिलाई-दुर्ग को वर्ष 2024-25 के लिए मध्य क्षेत्र के नराकास राजभाषा सम्मान’ में तृतीय स्थान प्राप्त होने की बधाइयाँ देते हुए भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उत्कृष्टता का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।

उन्होंने अपंजीकृत संस्थानों को शीघ्र ही राजभाषा विभाग की सूचना प्रबंधन प्रणाली में पंजीयन करवाने को कहा। निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र ने कहा कि ’नराकास, भिलाई-दुर्ग’ का इतिहास अत्यंत ही गौरवशाली रहा है, हमें गौरव का यह क्रम बनाए रखना है। इस क्रम में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग की ओर से प्राप्त दिशा-निर्देशों तथा राजभाषा के संवैधानिक प्रावधानों का अनुपालन करके ‘नराकास, भिलाई-दुर्ग’ नई उपलब्धियाँ अर्जित करने में अवश्य ही सफल होगा।

हिंदी ना केवल राजभाषा के रूप में समस्त कार्यालयीन कामकाज के लिए आवश्यक एवं लाभदायक है, वरन हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता के लिए भी सहायक है। हम सभी राष्ट्र की समग्र प्रगति चाहते हैं, हिंदी अपनाकर हम सभी इस दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि पवन कुमार ने कहा कि हमारे देश के स्वाधीनता संग्राम तथा स्वतंत्रता आंदोलन के समय से हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता में सहायक रही है।

एक राष्ट्रव्यापी भाषा के रूप में हिंदी ने सदैव ही समूचे भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। आज हम सब के पास यह अवसर है कि हम हिंदी में काम करके, हिंदी का प्रचार-प्रसार करके राष्ट्र के प्रति अपना योगदान अर्पित करें। स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग की ओर से प्राप्त निदेशों के अनुपालन व नरेन्द्र सिंह मेहरा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में नराकास भिलाई-दुर्ग उत्कृष्टता की ओर सतत अग्रसर रहने प्रयासरत है।

नराकास के सदस्य संस्थानों ने राजभाषा नीतियों के कार्यान्वयन एवं अनुपालन में सदैव रचनात्मक सहयोग किया है। बैठक की कार्यवाही में सर्वप्रथम विगत बैठक का अनुपालन प्रतिवेदन एवं आगत तिमाही के लिए कार्यसूची का वाचन किया गया, जिसके अनुमोदन के उपरांत विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई व महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

इस अवसर पर अतिथिगण द्वारा नराकास, भिलाई-दुर्ग’ की हिंदी गृह पत्रिका ‘महानदी’ के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ विशेषांक का विमोचन किया गया। पत्रिका में सदस्य संस्थानों के कार्मिकों एवं उनके परिजनों द्वारा स्वलिखित रचनाओं का समावेश किया गया है। अतिथिगण एवं उपस्थितजनों ने भारतीय सेनाओं की शौर्यगाथाओं तथा राष्ट्रप्रेम, एकता, अखंडता, अस्मिता व संप्रभुता पर केन्द्रित रचनाओं की भरपूर सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन – राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने किया तथा आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक (न्यू इण्डिया एश्योरेंस कं. लि.) सुश्री नूपुर बिस्वास ने किया। बैठक में भिलाई-दुर्ग स्थित केन्द्र सरकार के उपक्रमों, प्रतिष्ठानों, विभागों, बैंक एवं बीमा कंपनियों सहित ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग’ के 48 सदस्य संस्थानों के संस्थान प्रमुखगण एवं उनके हिंदी अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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