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Bangladesh–US Relations: भारत के पड़ोस में क्या पक रही है बड़ी सियासी खिचड़ी? ट्रंप के दूत से मुलाकात पर यूनुस की मंशा समझिए…

Bangladesh–US Relations: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और नव नियुक्त अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन की मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या ढाका और वॉशिंगटन के बीच कोई नई रणनीतिक खिचड़ी पक रही है? ढाका स्थित स्टेट गेस्ट हाउस ‘जमुना’ में हुई इस पहली शिष्टाचार भेंट में फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनाव से लेकर अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते और रोहिंग्या संकट तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

12 फरवरी 2026 चुनाव: यूनुस का बड़ा दावा

मोहम्मद यूनुस ने बैठक के बाद कहा कि 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनाव बांग्लादेश के भविष्य के सभी चुनावों के लिए मिसाल बनेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरिम सरकार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। यूनुस के मुताबिक यह चुनाव सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक “उत्सव” जैसा होगा, जो आगे के चुनावों का मानक तय करेगा।

विदेशी चुनाव पर्यवेक्षक: पश्चिम की पैनी नजर

यूनुस ने बताया कि यूरोपीय संघ बड़ी संख्या में चुनाव पर्यवेक्षक बांग्लादेश भेजेगा। इसके अलावा अन्य विकास साझेदार देशों से भी चुनाव निगरानी के लिए टीमें आने की उम्मीद है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विदेशी पर्यवेक्षकों की मौजूदगी बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन—खासतौर पर भारत और चीन—पर भी असर डाल सकती है।

ASEAN और SAARC पर यूनुस की कूटनीतिक चाल

बैठक में यूनुस ने बांग्लादेश की विदेश नीति पहलों का भी जिक्र किया।
उन्होंने—

  • ASEAN की सदस्यता के लिए ढाका की कोशिश

  • SAARC को दोबारा सक्रिय करने की जरूरत

पर जोर दिया। इसे दक्षिण एशिया में बांग्लादेश की बढ़ती कूटनीतिक महत्वाकांक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिकी राजदूत ने क्यों की यूनुस की तारीफ?

अमेरिकी राजदूत ब्रेंट क्रिस्टेंसन ने कहा कि-

“फरवरी चुनाव में जो भी जीतेगा, अमेरिका उसके साथ काम करेगा।”

उन्होंने पिछले 18 महीनों में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में हुए सुधारों और अंतरिम सरकार के फैसलों की खुलकर सराहना की। इससे साफ संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन यूनुस सरकार को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।

ट्रंप फैक्टर: क्या बांग्लादेश को मिलेगा टैरिफ में फायदा?

यूनुस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बांग्लादेशी निर्यात पर टैरिफ कम किए जाने के फैसले के लिए आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जारी व्यापार वार्ताओं के बाद भविष्य में टैरिफ में और कटौती हो सकती है, जिससे बांग्लादेश के टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

रोहिंग्या संकट पर अमेरिका की भूमिका

यूनुस ने साउथ-ईस्ट बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे 10 लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों के लिए अमेरिका की मानवीय सहायता की भी सराहना की। यह मुद्दा लंबे समय से बांग्लादेश की विदेश नीति और आंतरिक राजनीति का अहम हिस्सा रहा है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मुलाकात?

भारत के पड़ोस में अमेरिका और बांग्लादेश की बढ़ती नजदीकियां

  • क्षेत्रीय शक्ति संतुलन

  • दक्षिण एशिया की राजनीति

  • और SAARC के भविष्य

को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती हैं। यही वजह है कि यूनुस-क्रिस्टेंसन बैठक को सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बड़ी भू-राजनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है।

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