chhattisgarhCrimeछत्तीसगढ़जुर्मरायपुररिपोर्ट

इज्ज़त भी गई और जान भी, अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी…

रायपुर – दो महीने पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई है। रायपुर पुलिस ने जब्बार नाले में मिली महिला की लाश का मामला कई पेचिदगियों के बाद भी सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक युवती की सगी बहन समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है. 29 सितंबर को राजधानी की खम्हारडीह पुलिस के पास सूचना आई थी कि यहां जब्बार नाले के नीचे किसी महिला की लाश पड़ी हुई है। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल में जाकर हर वो पड़ताल की जिससे की महिला की पहचान का पता चल सके. लेकिन ऐसा कोई सुराग पुलिस के पास नहीं लग रहा था।

तभी यह जानकारी मिली की रायपुर के सिविल लाइन में एक युवती संध्या सार्वा के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जो तस्वीर थाने में दी गई थी और जो हुलिया बताया गया था वो मृतिका से मिलता-जुलता था। इसके बाद खम्हारडीह पुलिस पंडरी इलाके में रहने वाली सरिता दीप से पूछताछ करने पहुंची, जहां सरिता ने बताया कि कि संध्या सार्वा 22 सितम्बर की रात अपने घर से निकली तो जरूर, लेकिन वापस लौटी ही नहीं।

अवैध संबंध बनी हत्या की वजह

अधिकारियों ने जब सरिता और उसके पति लक्ष्मण को लाश दिखाई तब उन्होने उसे पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि यह लाश संध्या की नहीं है। लेकिन इस इनकार के बाद से ही शक की सुई उन पर घूमने लगी, क्योंकि दोनों के ही बयान अलग-अलग लग रहे थे। मामले में कई तकनीकी जांच करने के बाद लक्ष्मण दीप और सरिता से कड़ाई से पूछताछ की गई जिसमें वे बार-बार अपना बयान बदल रहे थे। लेकिन कड़ाई से पूछने पर वे टूट गए और उन्होने बताया कि हत्या उन्होंने ने ही की है। दरअसल सरिता और लक्ष्मण दोनों संध्या के ही घर पर रह रहे थे और लक्ष्मण दीप के साथ संध्या के अवैध संबंध थे। इस बात की जानकारी लक्ष्मण की पत्नि सरिता को भी थी। अवैध संबंध को लेकर तीनों में रोजाना आपसी विवाद होता था।

विवाद के बाद तंग आकर संध्या ने अपनी बहन और जीजा दोनों को घर से निकल जाने के लिए कहा, लेकिन लक्ष्मण दीप और सरिता ने संध्या को रास्ते से हटाने का ही प्लान बना लिया और इसके लिए लक्ष्मण दीप ने अपने दो साथी तुलेश यादव और सोमनाथ की मदद ली और दोनों को इसके लिए 10-10 हजार रुपये दिए। आरोपियों ने अपने कबूलनामें में बताया कि 22 सितंबर को ही मृतका की घर में चारों आरोपियों ने हत्या की और लाश को जब्बार नाले में फेंक दिया। मृतिका का मोबाइन फोन खारून नदी में फेंकने के साथ वाहन को भी लावारिस हालत में छोड़कर वापस आ गए। फिर मृतिका की झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की काफी कोशिश की, लेकिन पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के बाद मामले को सुलझा लिया गया है।

Related Articles

Back to top button