4 महीने में खरीद लिया पिछले पूरे साल से डेढ़ गुना ज्यादा सोना, ये आरबीआई को क्या हुआ…

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले 4 महीने में 24 टन (करीब 22000 किलोग्राम) सोना खरीद लिया है. आरबीआई काफी आक्रामक रूप से अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर लगा हुआ है. दिसंबर 2023 में आरबीआई के पास 803.6 टन सोना था जो 26 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 827.69 टन हो गया. आरबीआई कितनी तेजी से सोना खरीद रहा है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले पूरे साल में केवल 16 टन गोल्ड खरीदा गया था.
वहीं, 2024 के शुरुआती 4 महीनों में ही 24 टन गोल्ड परचेस कर लिया गया. यह पिछले साल खरीदे गए सोने की तुलना में 1.5 गुना अधिक है. इससे एक सवाल उठता है कि अचानक आरबीआई ने गोल्ड का भंडार बढ़ाना क्यों शुरू कर दिया है.
क्या है वजह?
आरबीआई ने विश्व भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच गोल्ड की खरीद बढ़ाई है. दुनिया कठिन समय से गुजर रही है. गोल्ड को ऐसे समय में वित्तीय स्थिरता के लिए सहारे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. भारतीय घरों में गोल्ड काफी पसंद किया जाता रहा है. इसके बावजूद काफी समय आरबीआई इसे खरीदने को लेकर उत्साहित नहीं रहता था. 2017 के बाद से आरबीआई ने अपने गोल्ड रिजर्व के लिए बाजार से सोना खरीदना शुरू किया. 2022 में आरबीआई गोल्ड की खरीद को लेकर और एग्रेसिव हो गया. दिसंबर 2023 में आरबीआई के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी 7.75 फीसदी थी जो अब बढ़कर 8.7 फीसदी हो गई है.
क्या हो रहा है इससे फायदा?
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि तनावपूर्ण समय में गोल्ड को हेज की तरह इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा गोल्ड की मांग बढ़ने से उसकी कीमत बढ़ी है. इससे भारत के पास रखे गोल्ड की वैल्यू भी बढ़ गई है. केंद्रीय बैंक ने हालिया मासिक बुलेटिन में कहा था, “भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सुस्त वैश्विक अर्थव्यवस्था को देखते हुए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक रणनीतिक विविधता को बढ़ावा दे रहे हैं.”
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