
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 220 वीं व जिला स्तर पर 102 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में आयोजित जनसुनवाई में कुल 26 प्रकरण में सुनवाई की गई।
प्रकरण में अनावेदक एल.आई.सी में उच्च श्रेणी सहायक क्लर्क के पद पर कार्यरत् है जिसे प्रति माह एक लाख बीस हजार रूपये वेतन प्राप्त होता है अनावेदक द्वारा आवेदिका को घर खर्च के लिए कोई राशि नहीं दी जाती। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि कोई महिला कभी किसी पुरुष से प्रताड़ित होने की आदत ना डाले सर्वप्रथम अपने अधिकार के प्रति सजग रहे आत्मरक्षा स्वयं करे जो महिला मार खाना शुरू करती है वो हमेशा प्रताड़ित होती है साथ ही अनावेदक को समझाइश दिया गया कि 1 सितंबर तक आवेदिका के खाते में 25 हजार रू. आर. टी.जी.एस के माध्यम से ट्रांसफर करे, यदि अनावेदक पैसा ट्रांसफर करने से इंकार करता है तो आवेदिका एल.आई. सी. ऑफिस में जाकर प्रति माह भरण-पोषण हेतु अनावेदक के विरूध्द लिखित में आवेदन प्रस्तुत कर सकती है। इस निर्देश के साथ प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
अन्य प्रकरण में अनावेदकगण आवेदिका के हिस्से की सम्पत्ति पर जबरदस्ती कब्जा किये हुए है। न्यायालय से मामला समाप्त होने के बाद भी वैधानिक बंटवारा को मानने से इंकार कर रहे है। अनावेदक प्राचार्य के पद पर कार्यरत् होते हुए भी आवेदिका के हक की सम्पत्ति पर बुरी नियत रखे हुए है। एस.डी.एम कांकेर ने अनावेदक की अपील निरस्त किया ऐसी दशा में आवेदिका ने प्रकरण साबित किया, जिसमें अनावेदक कोई भी व्यवधान उत्पन्न नहीं कर सकता आवेदिका अपने हिस्से की जमीन पर फसल बो सकती है व फसल काटकर उपयोग कर सकती है इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
अन्य प्रकरण में दूसरी महिला ने सुनवाई के दौरान बताया कि अनावेदक क्र. 1 के साथ वह पति-पत्नी की तरह रहती है आयोग के सक्षम स्वीकारोक्ती से यह बात साबित होता है कि अनावेदक क्र. 1 ने आवेदिका को तलाक दिये बिना दूसरी महिला को अपने साथ रखा जो कानूनी अपराध है। दूसरी महिला को सुधरने का मौका देकर सुरक्षा की दृष्टि से 2 माह के लिए नारी निकेतन रायपुर भेजे जाने का आदेश दिया गया। दूसरी महिला भी अपने पति और 2 बच्चों को छोड़कर जबरदस्ती अनावेदक क्र. 1 के साथ रह रही थी। एक अवैध रिश्ते से 2 परिवार बिगड़ गये थे।
अन्य प्रकरण में अनावेदक स्वास्थ्य विभाग कालीबाड़ी में ग्रेड-4 पर कार्यरत् है अपनी पत्नी व 3 बच्चों का पालन-पोषण छोड़कर अनावेदिका क्र. 2 के साथ अवैध संबंध में है। आयोग की सुनवाई के दौरान अनावेदक क्र. 1 ने अपनी पत्नी के समक्ष कान पकड़कर माफी मांगी है। इस स्तर पर 1 माह का समय अनावेदक क्र. 1 को दिया गया कि यदि वह अपने आचरण में परिवर्तन नहीं लाता तो इस दशा में विभागीय कार्यवाही की जायेगी।
अन्य प्रकरण में अनावेदक द्वारा आवेदिका को 20 हजार रु. देकर आपसी राजीनामा से तलाक की प्रक्रिया प्रारंभ किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका के बेटे ने अन्तर्जातीय विवाह किया है इसको लेकर आवेदिका व उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया व अनावेदकगणों ने आवेदिका के परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का लिखित में आवेदन प्रस्तुत किया है जिसकी प्रति आवेदिका को दिया गया। आयोग द्वारा आवेदिका को समझाइश दिया गया कि सभी बहिष्कृत करने वाले लोगो को आयोग में प्रस्तुत करे, ताकि आगामी सुनवाई में प्रकरण का निराकरण किया जा सके।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे