
दुर्ग / राष्ट्रीय महिला आयोग छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश एवं संजय कुमार जायसवाल जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विशेष मार्गदर्शन में जनपद पंचायत पाटन में महिलाओं के अधिकारों एवं उनके संबंध में विधिक अधिकार के प्रति जागरूक किये जाने के उद्देश्य से एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिक सेवा प्राधिकरण के थीम सॉग ‘एक मुट्ठी आसमान ’ से किया गया । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण / तालुका स्तर में महिलाओं के सशक्तिकरण के संबंध में विशेष जागरूकता अभियान कराये जाने के परिकल्पना को पूर्ण करने के उद्देश्य से तालुक विधिक सेवा समिति पाटन के ग्रामीण स्तर की महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश विजेन्द्र सोनवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएँ विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं वह अपने अधिकारों को नहीं जानती है तथा प्रताड़ना का शिकार होते रहती है । इस कार्यक्रम को आयोजित किये जाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है जिससे वे समाज के महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपने आप को शामिल पायें ।
इस कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकर घरेलू हिंसा महिलाओं के विरूद्ध अपराध के संबंध में प्रावधान प्रसव पूर्व और प्रसव धारण पूर्व निवारक तकनीक लिंग चयन अधिनियम 1994, महिला बंदियों के अधिकार छत्तीसगढ टोनही प्रताड़ना अधिनियम 2005 विवाह का पंजीयन की जानकारी, रिसोर्स पर्सन द्वारा दिया गया ।
उपस्थित महिलाओं को कानूनी संबंधी डॉक्यूमेंट्री फिल्म विडियों के माध्यम से दिखाया गया । आयोजित एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में अधिवक्ता श्रीमती मंजू साहू एवं सुश्री तारिणी यादव उपस्थित रही।विधिक जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ विजेन्द्र सोनवानी,
न्यायाधीश / अध्यक्ष तालुक विधिक सेवा समिति, पाटन, एडीपीओ राघवेन्द्र पांडे के द्वारा किया गया एवं अधिवक्ता संघ पाटन के अध्यक्ष दिनेश वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 70 से 80 महिलाएं शामिल हुई। कार्यक्रम में महिला बाल विकास से अधिकारी, अधिवक्तागण भी उपस्थित रहें।
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