राजनीति

BJP के लिए क्या हैं चुनावी मुद्दे और किस पार्टी से मुकाबला

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) गुरुवार (6 जनवरी) को उत्तर प्रदेश दौरे पर पहुंचे और उन्होंने राम जन्मभूमि अयोध्या से भगवान श्री राम के वनवास स्थल चित्रकूट को जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग का शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने प्रयागराज को करोड़ों की कई अन्य परियोजनाओं की भी सौगात दी.
यह चुनावी मुद्दा और राजनीति का प्रश्न नहीं है. प्रधानमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता है, देश का होता है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद है. इसलिए प्रधानमंत्री और इस पद पर रहने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार करना ठीक नहीं. यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. यह लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इस घटना के कारण स्वाभाविक रूप से सभी लोकतंत्र प्रेमी लोगों के मन में नाराजगी है, यह अच्छी बात नहीं हुई.
मैं कैबिनेट की बैठक में नहीं था और उसमें क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी नहीं है. मैं यूपी दौरे पर था, लेकिन पार्टी में तीव्र भावना है. इसपर क्या करना है ये फैसला पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री लेंगे.
हम विकास पर वोट मांगेंगे, जाति पंथ पर नहीं. हम एक परिवार की पार्टी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक पार्टी हैं. पहली बात तो ये बीजेपी 2014 में सत्तारूढ़ पार्टी बनी है और 2014 से 2021 तक 7 साल का हमारा रिपोर्ट कार्ड जनता के हाथ में है. 1947 के बाद जो 60 साल में नहीं हुआ, कांग्रेस नहीं कर सकी वो काम मोदी सरकार ने किया. प्रयाग में गंगा पार पहले एक पुल बना था, आज 7-7 पुल बन रहे हैं. गंगा साफ हुई. हमने जो काम किया उसी काम पर वोट मांगेंगे.

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