दुर्ग में पुलिस को मिला हाई-टेक प्रशिक्षण: NDPS मामलों में साक्ष्य जांच अब होगी और मजबूत…

Durg जिले में पुलिस बल को नारकोटिक्स मामलों की जांच और साक्ष्य परीक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वैज्ञानिक तरीके से जांच की दी गई जानकारी
इस प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को बताया गया:
- नारकोटिक्स ड्रग्स डिटेक्शन किट का उपयोग
- प्रिक्यूरसर केमिकल डिटेक्शन की प्रक्रिया
- जप्त मादक पदार्थों का वैज्ञानिक परीक्षण
- साक्ष्य को सुरक्षित रखने की विधि
इससे जांच की गुणवत्ता और केस की मजबूती बढ़ेगी।
विशेषज्ञ ने दी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. स्मिता रानी भारदीय ने विस्तृत जानकारी दी।
- अफीम, गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर आदि की पहचान
- मौके पर ही परीक्षण की तकनीक
- साक्ष्य संग्रहण और संरक्षण के आधुनिक तरीके
पुलिस को फॉरेंसिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित किया गया।
दधीचि प्रशिक्षण हॉल में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम दधीचि प्रशिक्षण हॉल, पुरानी पुलिस लाइन में आयोजित किया गया, जहां:
- जिले के विभिन्न थाना/चौकी से 35 पुलिसकर्मी शामिल हुए
- सभी को डिटेक्शन किट वितरित किए गए
इससे हर थाना स्तर पर जांच की क्षमता बढ़ेगी।
थाना-चौकियों को मिली डिटेक्शन किट
पुलिस विभाग द्वारा:
- नारकोटिक्स ड्रग्स डिटेक्शन किट
- प्रिक्यूरसर केमिकल डिटेक्शन किट
सभी थाना/चौकी को उपलब्ध कराई गईं।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की:
- नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करें
- संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें
- मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर सख्त कार्रवाई होगी
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