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एसएमएस-3 में लैडल फर्नेस ट्रांसफर कार का आतंरिक संसाधनों से निर्माण: बड़ी लागत की मत्वपूर्ण बचत…

भिलाई / सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) में लैडल फर्नेस ट्रांसफर कार का आतंरिक संसाधनों से निर्माण कर एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की गई है, जिससे प्रति कार बड़ी लागत की मत्वपूर्ण बचतसुनिश्चित हुई है, जो संयंत्र के लिए एक आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

एसएमएस-3 में तीन बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (कन्वर्टर) हैं, जिनमें हॉट मेटल को परिष्कृत कर स्टील में परिवर्तित किया जाता है। कन्वर्टर से टैप किए गए तरल स्टील को ट्रांसफर कारों के माध्यम से स्टील लैडल्स में डालकर सेकेंडरी रिफाइनिंग यूनिट में भेजा जाता है, जहां तीन लैडल फर्नेस में उसका अंतिम रिफाइनिंग कर उच्च गुणवत्ता का स्टील उत्पादित किया जाता है।

प्रत्येक लैडल फर्नेस के लिए एक समर्पित ट्रांसफर कार है, जिसकी भार क्षमता 80 मीट्रिक टन है। चूंकि एसएमएस-3 के पास कोई अतिरिक्त लैडल ट्रांसफर कार उपलब्ध नहीं थी, इसलिए भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक अतिरिक्त कार के निर्माण का निर्णय लिया गया।

मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) प्रमोद कुमार के नेतृत्व में शॉप एसएमएस-3 ने मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल एंड यूटिलिटीज) बी. के. बेहेरा के अनुमोदन एवं इंजीनियरिंग डिवीजन (ईडीडी) के तकनीकी परामर्श से इस ट्रांसफर कार का आतंरिक संसाधनों से निर्माण करने का निर्णय लिया। मौजूदा लैडल कार की ड्रॉइंग को विकसित कर रिवैम्पिंग सेल में इसकी बॉडी तैयार की गई और मशीन शॉप की सहायता से इसका यांत्रिक निर्माण संपन्न हुआ।

दिनांक 15 अप्रैल 2025 को इस आतंरिक संसाधनों से रूप से निर्मित लैडल ट्रांसफर कार का विधिवत उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) प्रमोद कुमार द्वारा किया गया। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में महाप्रबंधक (मार्स) एच. के. सचदेव, महाप्रबंधक (रिवैम्पिंग सेल) नाबर्शी रॉय, वरिष्ठ प्रबंधक (रिवैम्पिंग सेल) प्रमोद कुमार, सहायक महाप्रबंधक (ईडीडी) गीतेश देवांगन,

महाप्रबंधक (एसएमएस-3) त्रिभुवन बैठा, पी. सतपथी, संजीव कुमार मिश्रा, अजित नारायण, वरिष्ठ प्रबंधक (एसएमएस-3) अभिषेक झा, सहायक महाप्रबंधक (एसएमएस-3) किरण कुमार, महाप्रबंधक (एसएमएस-3) डी. के. वार्ष्णेय, सहायक महाप्रबंधक (एसएमएस-3) के. के. तिवारी, वरिष्ठ प्रबंधक (एसएमएस-3) आशुतोष सिंह, सहायक प्रबंधक (एसएमएस-3) लक्ष्मी नारायण रेड्डी,

सहायक महाप्रबंधक (एसएमएस-3) मुनीम खान, तथा प्रबंधक (एसएमएस-3) गौरव पटेल सहित एसएमएस-3 के अन्य अधिकारियों का सक्रिय योगदान रहा। इस परियोजना को सफल बनाने में मेसर्स केएमसी और मेसर्स इनोमोटिक्स ने भी विशेष सहयोग प्रदान किया। यह पहल भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता तथा आतंरिक संसाधनों सेकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो आत्मनिर्भर भारत के औद्योगिक स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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