
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के वित्त एवं लेखा विभाग में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा), प्रवीण निगम के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) प्रमोद कुमार चोखानी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा), प्रवीण निगम ने कहा कि हिंदी में कार्यालयीन कामकाज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें सामान्य एवं सरलतापूर्वक लिखे व बोले जाने वाले शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के लिए वित्त एवं लेखा विभाग पूर्ण प्रतिबद्ध तथा हिंदी के प्रगामी प्रयोग को प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने हिंदी के भरपूर प्रचार-प्रसार हेतु प्रत्येक तिमाही में कार्यशाला के आयोजन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समयाभाव अथवा अन्य किसी भी कारण से कार्यशाला का आयोजन नहीं रुकना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार चोखानी ने कहा कि हिंदी में कार्यालयीन कार्य करने के लिए हम सभी पूर्णतः संकल्पित हैं।
हमें अपने सभी साथियों को इसके लिए व्यक्तिगत रूप से प्रेरित करना है। सामूहिक प्रयासों से ही हम सफल हो सकते हैं। विभाग द्वारा हिंदी को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि सभी कार्मिक हिंदी में कार्य करने को प्रेरित हों।
कार्यक्रम में महाप्रबंधकगण आशीष कुमार अग्रवाल, राजेश कुमार शर्मा, ललित खन्ना, प्रकाश कोलकोण्डी एवं रजत रंजन जाना, उप महाप्रबंधक सुश्री अमृता गंगराडे, सहायक महाप्रबंधक अविलाष प्रसाद पंसारी एवं निलेश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ प्रबंधक, अभिषेक कोचर एवं आनंद कुमार तिवारी, अनुभाग अधिकारीगण उज्जवल प्रसन्नो एवं सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ स्टाफ सहायक सुश्री चन्द्रलता चन्द्राकर, जूनियर स्टाफ असिस्टेंट सुश्री शिखा दीक्षित, कार्यालय सहायक सुश्री दीपिका वर्मा, वरिष्ठ स्टाफ सहायक सुश्री श्रावणी डे, वरिष्ठ कार्यालय सहायक हेमंत सिंह ठाकुर, कार्यालय सहायक विश्वजीत मण्डल तथा अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में वित्तीय शब्दों के सही हिंदी वर्तनी लेखन पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके चार प्रथम पुरस्कार विजेता रहे :- प्रमोद कुमार चोखानी, मुख्य महाप्रबंधक, सुश्री अमृता गंगराडे, उप महाप्रबंधक, निलेश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ प्रबंधक एवं सुनील कुमार शर्मा, अनुभाग अधिकारी। द्वितीय पुरस्कार सुश्री चन्द्रलता चन्द्राकर, वरिष्ठ स्टाफ सहायक, सुश्री शिखा दीक्षित, जूनियर स्टाफ असिस्टेंट तथा उज्जवल प्रसन्नो, अनुभाग अधिकारी ने प्राप्त किया।
कार्यशाला में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका पालन किया जाना सभी कार्मिकों के लिए अनिवार्य किया गया। वित्त विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर प्रत्येक तिमाही में हिंदी में सराहनीय कार्य करने के लिये कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाता है, इस क्रम में उज्जवल प्रसन्नो, अनुभाग अधिकारी तथा हेमंत सिंह ठाकुर, वरिष्ठ कार्यालय सहायक को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन – राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने उपस्थितजनों को हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करने की शपथ दिलाई और राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन वॉइस टायपिंग तथा ऑनलाइन नोटशीट प्रणाली सैप में हिंदी में नोटशीट बनाने का प्रदर्शन किया।
आरंभ में सहायक महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एवं विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी सुश्री स्मिता जैन ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि, विगत तिमाही में आयोजित कार्यशाला में लिए गए निर्णयों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है एवं विभागीय पत्राचार हिंदी में ही किए जा रहे हैं। कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अनुभाग अधिकारी (वित्त एवं लेखा) सुनील कुमार शर्मा ने किया।
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