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मासूम बच्‍चे की हत्‍या, दादा से दुश्‍मनी बनी वजह, राम के नाम पर कलंक

बच्‍चे की हत्‍या। तीन साल के अक्षांस की हत्या के मामले में मूंदी पुलिस ने गुरुवार को पर्दाफाश करते हुए आरोपित पड़ोसी श्रीराम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में श्रीराम ने अक्षांस की हत्या करना कबूल किया है। दादा से बदला लेने के लिए आरोपित ने पोते अक्षांस की हत्या कर दी थी। अक्षांस के दादा द्वारा जादू टोना और बिरबट छोड़ने की आशंका के चलते श्रीराम ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। इस बात का खुलासा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता में किया। शुक्रवार को श्रीराम को रिमांड पर लिया जाएगा।

पुलिस कंट्रोल रूम में हुई प्रेसवार्ता के दौरान मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि आरोपित श्रीराम अक्षांस के दादा सुमेर सिंह से बदला लेना चाहता था। इसके लिए उसने सुमेरसिंह के परिवार के किसी भी सदस्य की हत्या करने की योजना बनाई थी। यह बात पूछताछ में श्रीराम ने कबूल की है। श्रीराम का कहना है कि अक्षांस का दादा सुमेरसिंह बिरबट विद्या और जादू-टोना जानता है। उसने मेरे परिवार पर बिरबट विद्या की। इस वजह से पत्नी के साथ मेरा विवाद होने लगा और घर में अशांति का माहौल बन गया था। इससे परेशान होकर उसने करीब डेढ़ साल से सुमेरसिंह के वंश का नाश करने का सोचकर परिवार के किसी भी सदस्य की हत्या करने की योजना बनाई थी। श्रीराम ने बताया कि 20 अक्टूबर को दोपहर जब वह हम्माली करके घर आया तो सुमेर सिंह का पोता अक्षांस मेरे घर के सामने से पैदल जाते हुए दिखा। जिसे हाथ से इशारा कर उसने अपने पास बुलाया। इसके बाद वह उसे बाड़े में ले गया। यहां पानी भरने के प्लास्टिक के पाइप से अक्षांस का गला घोंट दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद अक्षांस के शव को वह घर के अंदर ले आया। उसने बोरी में अक्षांस के शव को रख दिया था। और उस पर सोयाबीन का भूसा ढंक दिया। अक्षांस के घर वाले उसे तलाश रहे थे। वह भी उनके साथ उसे तलाशने में लग गया। शाम करीब सात बजे जब अंधेरा हो गया तो उसने अक्षांस के शव को खंडहरनुमा मकान में रख दिया और अपने घर वापस आ गया। इस मामले को सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार, एसडीओपी पुनासा राकेश पेद्रो, मूंदी थाना प्रभारी मोहन सिंह सिंगोरे, एसआइ राजेंद्र राठौर, भीमसिंह मंडलोई, राजेंद्र सइदे, सुलोचना गेहलोद, पूजा विश्वकर्मा, एएसआइ चेतनाथ सिंह परिहार, सूरज पाटील, मनोज सोनी, जोन बारिया, सुनिता जोसफ, आरक्षक निशा, लविश तोमर, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक जितेंद्र राठौर सहित नर्मदानगर थाना और पुनासा चौकी के पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।

पुलिस से छूटकर बेटियों से मिलने का प्रयास करता रहा आरोपित

दोपहर में पुलिस अधिकारी आरोपित श्रीराम को अंबेडकर वार्ड स्थित घटनास्थल ले गए। यहां उससे पूछताछ की गई। यहां आरोपित श्रीराम की पत्नी व दो बेटियां भी खड़ी थीं। पिता को पुलिस की गिरफ्त में देख वह तीनों रोने लगे। यह देख श्रीराम भी रो पड़ा। वह पुलिसकर्मियों के हाथ से छूटकर अपनी बेटियों के पास जाने का प्रयास करता रहा। हालांकि पुलिसकर्मी उसे मजबूती से पकड़े हुए थे। वह कहता रहा कि उसे बेटियों से मिलने दिया जाए। हालांकि पुलिस ने उसे मिलने नहीं दिया। इस दौरान यहां ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। इसके बाद उसे क्षेत्र में घूमाकार पुलिस वापस थाने ले आई।

घर में चिराग जलाने वाला नहीं रहेगा

अक्षांस के परिवार से श्रीराम की दुश्मनी थी। यह बात अक्षांस के पिता श्यामलाल कोठारे ने बताई है। श्यामलाल ने बताया कि श्रीराम अक्सर उनसे विवाद करता रहता था। कभी नल से पानी भरने के दौरान वह झगड़ता तो कभी घर के पास खड़े होकर गाली देता। घटना से कुछ ही दिन पहले श्रीराम घर के पास खड़े होकर गाली दे रहा था। गाली देने से मना करने पर वह विवाद करने लगा। इस दौरान उसने कहा था कि तुम्हारे घर चिराग जलाने वाला तक नहीं रहेगा। श्यामलाल ने कहा कि हमने कभी यह सोचा नहीं था कि श्रीराम ऐसा कर सकता है। उसने मेरे पुत्र अक्षांस की हत्या कर दी। उसे फांसी की सजा हो।

बच्‍चे की हत्‍या का यह है मामला

20 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे 3 साल का अक्षांस कोठारे घर से लापता हो गया था। इसके बाद स्वजन उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन वह शाम तक नहीं मिला। इसके बाद स्वजनों ने स्थानीय महिलाओं के साथ अक्षांस को घर-घर जाकर तलाशने की योजना बनाई थी। महिलाएं घरों में घुसकर अक्षांस को तलाश रही थी। इस बीच वे तलाशते हुए एक पुराने खंडहरनुमा मकान में गईं। यहां बोरी के अंदर अक्षांस का शव मिला था। इस मामले में मूंदी पुलिस ने अज्ञात आरोपित पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अक्षांस के स्वजनों से मिले थे। लोकसभा उपचुनाव के चलते अक्षांस की हत्या का मामला गरमा गया था।

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