छत्तीसगढ़दुर्गभिलाई

विश्व मच्छर दिवस पर रैली निकालकर लोगों को किया गया जागरूक…

भिलाई- विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के जनस्वास्थ्य अनुभाग और जिला नगर कार्यालय (डीएमओ), दुर्ग द्वारा संयुक्त रूप से रैली निकालकर लोगों को मच्छरजनित रोगों के विषय में जागरूक किया गया। सेक्टर-4 में निकाली गई रैली के माध्यम से लोगों को मच्छरजनित रोगों, उनके लक्षण व बचाव के उपाय तथा मच्छरों की उत्पत्ति को कैसे कम करें, आदि अन्य आवश्यक उपायों के बारे में लोगों को जागरूक किया।

20 अगस्त को दुनियाभर में विश्व मच्छर दिवस के रूप में मनाया जाता है। मच्छर दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को मच्छरों से होने वाली डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी गंभीर जानलेवा बीमारियों के प्रति जागरूक तथा सावधान करना हैं। वर्ष 1930 में लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन द्वारा इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी। ब्रिटिश डॉ रोनाल्ड रॉस ने साल 1897 में 20 अगस्त के ही दिन मादा एनाफिलीज मच्छर की खोज की थी। यही मादा मच्छर खतरनाक मलेरिया बीमारी की वाहक होती है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग विभाग के जनस्वास्थ्य अनुभाग द्वारा इन बीमारयों से सुरक्षा हेतु, शहरवासियों को जागरूक करने के साथ साथ इस्पात नगरी के आवासों का सर्वेक्षण, निरीक्षण, दवाओं का वितरण तथा फाॅगिंग व कीटनाशकों का छिड़काव आदि कर निरंतर प्रयास कर रहा है।

बारिश के मौसम में विभिन्न कीटाणुओं और विषाणुओं के संपर्क में आने से अनेक तरह की बीमारियों का खतरा होता है, जिनकी ओर ध्यान न देने पर गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा, इस्पात नगरी में मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि के रोकथाम हेतु सघन अभियान जारी है। बीएसपी का जन स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाती है, जिसके तहत वे घर-घर जाकर पानी के पात्रों को खाली कर उनकी सफाई व दवाइयों का छिड़काव आदि करती है।

इन बीमारियों से सुरक्षा हेतु इसके कारण, लक्षणों और बचाव के तरीकों की जानकारी होना अति आवश्यक है। मच्छर के लार्वा पनपने के संभावित स्थानों जैसे कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सुखाकर प्रयोग करें, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें। घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली/परदे लगायें, पैर में मोजे पहने एवं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य विभाग ने इस्पात नगरी के सभी शहरवासियों से अपील की कि वैक्टरजनित बीमारियाँ हमारे स्वास्थ्य को बहुत प्रभावित करती हैं, अतः इन बीमारियों के प्रति जागरूक रहते हुए सभी आवश्यक सावधानियों एवं उपायों का पालन अवश्य करें।

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