छत्तीसगढ़भिलाई

ऑडिट के बाद संयंत्र में आई.एम.एस. सिस्टम नवीनीकृत…

भिलाई : विगत 04 जून से 07 जून तक मेसर्स टी.यू.व्ही. नॉर्ड द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र का इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम-IMS (एकीकृत प्रबंधन प्रणाली) का पहला सर्विलांस ऑडिट किया गया। सफल ऑडिट के उपरान्त बीएसपी को प्राप्त इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम ISO सर्टिफिकेट को 2023-26 तक की अवधि के लिए पुनः प्रमाणन दिया गया।

वर्तमान समय में ISO सर्टिफिकेट एक पैमाना बन चुका है। जो कंपनी की साख, स्तर और क्षमता को प्रदर्शित करता है। इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम-IMS (एकीकृत प्रबंधन प्रणाली) के अंतर्गत पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली-EMS, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली-QMS तथा व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रणाली-OHSMS शामिल हैं।

जो संयंत्र को विभिन्न प्रक्रियाओं में सहायता करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप दोषरहित उत्पाद एवं सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रभावी प्रक्रियाएँ और प्रशिक्षित कर्मचारी रखने में मदद मिलती है। इन तीनों सिस्टम्स के मापदंडों को बनाये रखने और इस सर्टिफिकेट को जारी रखने के लिए यह ऑडिट किया गया।

उल्लेखनीय है, कि टी.यू.व्ही. नॉर्ड के गुणवत्ता मानक, सुरक्षा मानक, प्रासंगिक विनियम, सर्वोत्तम प्रथा, प्रबंधन कौशल और व्यावसायिक उद्देश्यों के मापदंड बहुत ही कठिन और कड़े होते हैं। टीयूव्ही नॉर्ड, वैश्विक रूप से सक्रिय बिजनेस यूनिट सर्टिफिकेशन के ऑडिटर्स और विशेषज्ञों के साथ प्रबंधन प्रणालियों, कर्मियों और उत्पादों के प्रमाणन में उच्चतम स्तर की योग्यता को पहचान कर, ग्राहकों, कर्मचारियों, सहयोगी भागीदारों और उपभोक्ताओं के लिए, एक उद्देश्यपूर्ण और सम्मानित गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान करता है। जिससे कम्पनी, लाभ के साथ ग्राहक लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त करने हेतु, उचित योजना, निष्पादन, नियंत्रण और परियोजना को पूरा करना सुनिश्चित कर सकें।

ऑडिट के पहले दिन 4 जून 2024 को कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार की अध्यक्षता में, ऑडिट किये जाने वाले संबंधित विभागों के मुख्य महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारीगण, ऑडिटर्स के साथ बैठक में सम्मिलित हुए। जिसमें ऑडिट किये जाने वाले मानदंड, परिसर, निर्धारित मानक और ऑडिट सम्बंधित सवाल-जवाब के साथ सामान्य चर्चाएँ की गई। बैठक में श्री अंजनी कुमार ने संयंत्र बिरादरी के सभी अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, कि आप ऑडिट के लिए इन्हें अपना सहयोग दें और अपना 100 प्रतिशत दें, जिससे हम सब संयंत्र को उँचाइयों की ओर ले जा सकें।

ऑडिट में संयंत्र, टाउनशिप और माइंस तीनों को कवर किया गया। बीएसपी के दल्ली मेकेनाइज्ड माइंस में पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली-EMS, टाउनशिप में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली-QMS और संयंत्र परिसर में पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली-EMS, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली-QMS और व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रणाली-OHSMS तीनों को कवर किया गया।

मेसर्स टी.यू.व्ही. नॉर्ड द्वारा, 6 ऑडिटर्स नियुक्त किये गए थे। जिनमें से 3 ऑडिटर्स ने भिलाई इस्पात संयंत्र आकर सम्बंधित विभागों की प्रत्यक्ष जाँच व अवलोकन किया तथा शेष 3 ऑडिटर्स ने ऑनलाइन माध्यम से ऑडिट किया। ऑडिटर्स के द्वारा संयंत्र के भीतर नाइट ऑडिट भी किया गया, जहाँ सभी मानदंडों को सही पाया गया। पहली बार बीएसपी के एसएमएस-3, यूआरएम और बीआरएम सहित अन्य मॉडेक्स इकाइयों में पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया। इन सभी प्रबंधन प्रणालियों को बनाये रखने के लिए प्रतिवर्ष 1 इंटर्नल ऑडिट तथा 1 एक्सटर्नल ऑडिट आवश्यक है।

भिलाई इस्पात संयंत्र इसके लिए हर छः माह में 1 इंटर्नल ऑडिट करती है। इन ISO सर्टिफाइड प्रबंधन प्रणाली को बनाए रखने के लिए, ISO सर्टिफिकेट 3 साल के लिए जारी किये जाते हैं, जिसमें आउटसाइड एजेंसी द्वारा साल में एक एक्सटर्नल ऑडिट आवश्यक है।
कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार की अध्यक्षता में ऑडिट के अंतिम दिन 7 जून 2024 को आयोजित बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ऑडिटर्स द्वारा संयंत्र, टाउनशिप और माइंस में किये गए ऑडिट का ब्यौरा और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

इसके पश्चात मेसर्स टीयूव्ही नॉर्ड द्वारा निर्धारित सभी कड़े स्टैंडर्ड और मानदंडों को सही पाए जाने पर, भिलाई इस्पात संयंत्र के पुनः प्रमाणीकरण की अनुशंसा की गई और इसे आगे जारी रखने की अनुमति प्रदान की गई। इस उपलब्धि पर श्री अंजनी कुमार ने सभी सम्बद्ध विभागों और समर्पित टीमों को के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अनुकरणीय प्रयासों, कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने इस सफल प्रदर्शन के लिए सभी विभागों को आगे भी इसी उत्साह और समर्पण के साथ सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए इस गौरव को बनाये रखने के लिए प्रेरित किया।

ऑडिटर्स ने संयंत्र बिरादरी के साथ साथ बीई विभाग की भी प्रशंसा की और महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र को और भी अधिक लाभ हो सके। यह ऑडिट कार्यक्रम बीएसपी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार के सफल मार्गदर्शन और मुख्य महाप्रबंधक (एचआर – एल एण्ड डी एवं बीई) श्रीमती निशा सोनी के कुशल नेतृत्व में किया गया। इस आयोजन में सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग तथा पर्यावरण प्रबंधन विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑडिट के पहले इसकी तैयारी के लिए, मुख्य महाप्रबंधक (एचआर – एल एण्ड डी एवं बीई) श्रीमती निशा सोनी द्वारा, मुख्य महाप्रबंधकों और मैनेजमेंट रिप्रेज़ेन्टेटिव्स की बैठक ली गई, इसके बाद ऑडिट के संदर्भ में महाप्रबंधक (बीई) श्री मनोज दुबे द्वारा, सम्बंधित विभागों के कोऑर्डिनेटर्स के साथ समन्वय किया गया। ऑडिट कार्यक्रम के सुचारु संचालन, ऑडिट टीम तथा विभागों के मध्य समन्वय एवं सफल ऑडिट में भिलाई इस्पात संयंत्र व्यावसायिक उत्कृष्टता विभाग (बी.ई.) के उप महाप्रबंधक, श्री प्रकाश कुमार साहू, प्रबंधक, श्री रवि कुमार एवं अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यहाँ यह उल्लेख आवश्यक है कि, IMS (एकीकृत प्रबंधन प्रणाली) प्रमाणीकरण स्थानीय स्तर पर अनिवार्य नहीं है, लेकिन, यदि कंपनी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है, तो इसकी आवश्यकता होती है। इस तरह वे ही कंपनियाँ विदेशी बाज़ार को यह प्रदर्शित करने में सक्षम होंगी कि उनके पास उन्हें उच्चतम गुणवत्ता के उत्पाद और सेवाएँ प्रदान करने के लिए आवश्यक संसाधन एवं सेवायें उपलब्ध हैं, जो उनके मानदंडों को पूरा करती हैं। यह कंपनी की कार्य प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार, विनियमन का उचित अनुप्रयोग तथा प्रत्येक व्यावसायिक पहलू पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है।

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