
नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा होने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन की आज शाम दिल्ली में बैठक होने जा रही है, जिसमें अब आगे की रणनीति तय की जाएगी. इस मीटिंग में शामिल होने के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव फ्लाइट में ‘चाचा’ नीतीश कुमार के साथ आए. दिल्ली पहुंचने पर तेजस्वी ने संकेत दे डाले कि संभवत: गठबंधन केंद्र में सरकार बना ले.
उन्होंने कह दिया कि सरकार तो बनने जा रही है. सरकार बनाने की कोशिश हम करेंगे. अभी थोड़ा सब्र रखिये, देखते जाइये अभी क्या-क्या होता है. उधर दिल्ली पहुंचते ही नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया. लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कह दिया कि सरकार को बनेगी ही..
तेजस्वी यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कई अहम बातें कहीं. जब उनसे पूछा गया कि क्या इंडिया गठबंधन विपक्ष में बैठेगा या सरकार बनाने की कवायद करेगा तो उन्होंने कहा, देखिए सरकार बनाने का प्रयास तो हम करेंगे ही, क्यों नहीं करेंगे.
तेजस्वी ने प्रमुखता से कहा कि आगे हमारी तीन मांगें बड़ी प्रमुख हैं. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए, पूरे देश में जाति जनगणना कराई जाए और हम लोगों ने जो 75 प्रतिशत आरक्षण की सीमा बढाई थीं, उसे शेडयूल लाइन में डाला जाए..
एक ही फ्लाइट में नीतीश कुमार के साथ दिल्ली आने को लेकर जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी नीतीश कुमार से कोई बात हुई तो उन्होंने कहा नमस्कार, दुआ सलाम तो हुई है. हालांकि इससे आगे उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
आरजेडी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आलोचना करते हुए कहा कि देश के लोगों ने संविधान को बचाने के लिए वोट किया है. उन्होंने मोदी की तानाशाही को सबक सिखलाया है और देश के लोगों का मिजाज नफरत की राजनीति को पसंद नहीं करता है.
लोग बेकार की बातें नहीं सुनना चाहते. वह केवल मुद्दों की बात सुनना चाहते हैं. 10 साल में मोदी जी ने कोई हिसाब नहीं दिया. जनता ने उनको सबक सिखाया है और हम आज बैठक में आए हैं, देखते हैं बैठक में क्या-क्या होता है.
दरअसल, INDIA गठबंधन की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर होगी. इसके अलावा एक अन्य बैठक कांग्रेस पार्टी की भी होनी है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि गठबंधन नेताओं के साथ जो बैठक होने जा रही है, उसमें क्या रुख अपनाया जाएगा.
नतीजों में गठबंधन को कुल 204 सीटें मिली हैं. सरकार बनाने के लिए गठबंधन को 272 सांसदों का समर्थन चाहिए. ऐसे में बहुमत के लिए उसे मौजूदा सीट शेयरिंग से बाहर भी पार्टनर खोजने होंगे.
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