बैंको की बैलेंस शीट, मैक्रो इकोनॉमिक फंडामेंटल मजबूत, 2024-25 में भारत की GDP ग्रोथ 7% रहने का अनुमान- RBI…

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की. इसमें कहा गया है कि बैंकों और एनबीएफसी की कैपिटल और एसेट क्वालिटी की स्थिति बेहतर बनी हुई है. बैंकों और कॉरपोरेट जगत की मजबूत बैलेंस शीट से समर्थित ठोस निवेश मांग के दम पर जीडीपी वृद्धि मजबूत है.
आरबीआई ने कहा कि इन सबके चलते देश में मैक्रो इकोनॉमिक फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं. इस रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार, जियो पॉलिटिकल तनाव समेत कई मुद्दों पर अपने विचार रखे. आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है.
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, मुद्रास्फीति के निर्धारित स्तर की ओर बढ़ने से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग मांग में तेजी आएगी. बाह्य क्षेत्र की मजबूती और विदेशी मुद्रा भंडार, घरेलू आर्थिक गतिविधियों को वैश्विक प्रभावों से बचाएंगे.
विदेशों में बढ़ता तनाव चिंता का कारण
आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक जिंस मूल्य में उतार-चढ़ाव, अनिश्चित मौसमी घटनाक्रम वृद्धि की संभावनाओं के लिए नकारात्मक जोखिम उत्पन्न करते हैं. वहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था को एआई/एमएल प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने और बार-बार आने वाले जलवायु संबंधी झटकों से उत्पन्न चुनौतियों से भी निपटना होगा.
आरबीआई ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले दशक में व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के परिदृश्य में वृद्धि की गति को बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है. वित्त वर्ष 2023-24 के खरीफ और रबी दोनों मौसम में एमएसपी ने सभी फसलों के लिए उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत का न्यूनतम ‘रिटर्न’ सुनिश्चित किया.
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