
दुर्ग / नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत मच्छरों के उन्मूलन तथा लार्वा की खात्मा के लिए नगर निगम ने बड़ा अभियान तेज कर दिया है। वार्डो में वार्ड वार सफाई अभियान के दौरान 9 दिनों में 1680 घरों का सर्वे किया जा चुका है। ओर घरों में क्लोरीन टेबलेट वितरण किया जा चुका है। आज निगम स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा वार्ड क्रमांक 12 मोहन नगर, पश्चिम एवं वार्ड क्रमांक 42 सुभाष नगर कसारीडीह में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर टेमीफास का छिडक़ाव, जन जागरूकता के लिए पाम्पलेट का वितरण, कूलर, गमला, टायर एवं अन्य पात्रों की जांच, घरों के आसपास के क्षेत्र की नाली की सफाई, ब्लीचिंग एवं चूने का छिड़काव, जल जमाव वाले स्थानों में मलेरिया आयल का छिड़काव, मच्छरों का खात्मा करने के लिए मेलाथियान का छिड़काव, मच्छर के लार्वा को समाप्त करने के लिए टेमीफास् का उपयोग, डेंगू, पीलिया एवं मलेरिया से पीडित की जानकारी आदि गतिविधियों को सर्वे के दौरान विशेष अभियान चलाकर लोगो को जागरूक भी किया जा रहा है।
रोजाना शाम निगम अमला द्वारा गली-मोहल्लों में हैण्ड मशीन व व्हीकल माउंटेन से फॉगिंग कार्य किया जा रहा हैं, कुआं, नलकूप, बोरिंग के समीप एवं अन्य पानी जमाव वाले स्थानों की सफाई कराकर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रहे है,जमाव वाले स्थानों की सफाई कराकर चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रहे है, तथा अधिक पानी जमा वाले स्थानों पर मलेरिया ऑयल व मोबी ऑयल का उपयोग कर रहे हैं। एडल्ट मच्छरों को समाप्त करने के लिए मैलाथियान का छिड़काव किया जा रहा है साथ ही निगम की टीम घरों में जाकर जागरूकता हेतु पाम्प्लेटस वितरण किया जा रहा है।
महापौर धीरज बाकलीवाल, कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा एवं निगम आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने डेंगू, मलेरिया, पीलिया जैसे बीमारियों से बचाव के लिए निगम की टीम को ध्यान से कार्य करने निर्देश दिए है।नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण कर सफाई कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। मूल रूप से डेंगू मच्छरों के लार्वा को नष्ट करना आवश्यक है ताकि यह मच्छर के रूप में तब्दील न हो पाए इसलिए जल जमाव वाले स्थानों में मलेरिया ऑयल व मोबी ऑयल का उपयोग किया जा रहा है। कूलर, टायर, गमला एवं अन्य अनुपयोगी पात्रों में टेमीफास डाला जा रहा है।
ऐसे स्थानों में मलेरिया ऑयल व मोबी ऑयल का उपयोग किया जा रहा है। कूलर, टायर, गमला एवं अन्य अनुपयोगी पात्रों में टेमीफास का उपयोग लार्वा को नष्ट करता है। जागरूकता अपनाते हुए सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग, आसपास साफ-सफाई, पात्रों में एवं समीपस्थ स्थलों में जलजमाव न होने देना, आवश्यकता अनुसार टेमीफास का उपयोग मच्छर उन्मूलन में अच्छा साबित होगा। सर्वे के दौरान लार्वा की जांच भी की जा रही है।
विशेष सफाई अभियान सर्वे के दौरान अब तक का सैकड़ो कूलर और पात्रों की हुई स्वच्छता निरीक्षक द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि 16 मार्च से 23 मार्च लेकर अब तक सर्वे अभियान के दौरान 4650 कूलर और 2640 पात्रों की जांच की गई है कई कूलरो और पात्रों से पानी खाली कराए गए है।
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