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शाह की जनसभा से लौटने वालों को खाने के लिए पुलिस ने जबरन रोका, रीवा हादसे के चश्मदीद शिक्षक का बयान…

मध्यप्रदेश के सीधी में हाईवे पर खड़ी एक बस तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से उछलकर पलट गई। उसके आगे खड़ी दो बसें भी लोगों को चपेट में लेकर घिसटते हुए खाई में जा गिरीं। कुछ बाइक भी गेंद की तरह उछलकर गिरीं। घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। ये भीषण हादसा शुक्रवार रात चुरहट-रीवा नेशनल हाईवे पर मोहनिया टनल के पास हुआ।

तीनों बसें सतना में शबरी माता जयंती पर हुई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जनसभा से लौट रही थीं। पल भर में सब तितर-बितर हो गया और चीख-पुकार मच गई। 8 लोगों ने मौके पर दम तोड़ा। 3 की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई तो अन्य तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

घायल शिक्षक गंगा सागर त्रिपाठी ने हादसे की रात का हाल बताया, पढ़िए…

मेरा नाम गंगा सागर त्रिपाठी है। मैं शिक्षक हूं। हमारी ड्यूटी गृहमंत्री के कार्यक्रम में लगी थी। सतना में शबरी माता जयंती पर कार्यक्रम था। वहां से लौटने वाले लोगों को खाना बांटना था। चुरहट-रीवा नेशनल हाईवे पर मोहनिया टनल के पास हम एक बस में खाना बांट रहे थे, तभी उसके पीछे दो बसें और आकर रुक गईं। मैं अपने साथी को खाना दे ही रहा था, तभी पीछे से तेज स्पीड में ट्रक आ रहा था। हम लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही ट्रक ने पीछे वाली बस जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर लगते ही सेकेंड में सब कुछ तितर-बितर हो गया। जब हमने ये देखा तो बस इतना ध्यान आया कि भागना है। फिर कुछ याद नहीं है कि हम भाग पाए या नहीं भाग पाए। फिर कुछ देर में होश संभला तो देखा कि सभी लोग रो रहे हैं। चीख-पुकार मची है। जहां खाना-पानी रखा हुआ था, मैं वहां पड़ा था। मेरे साथियों को भी चोटें आई थीं, लेकिन वो मुझे जैसे-तैसे चुरहट स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए।

मेरे सामने साथी की तड़पकर मौत हो गई…

एक छात्रावास अधीक्षक विनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि मैं यात्रियों को खाना बांट रहा था। 52 सीटर, 40 सीटर और 60 सीटर तीन बसें थीं। ज्यादातर यात्री बस से बाहर थे, तभी पीछे आए एक ट्रक ने दो बसों को टक्कर मारी। दोनों बस खाई में पलट गईं। मैं और मेरे साथियों ने 30-40 मीटर दूर भागकर जान बचाई। जो नहीं भाग पाए, उनकी ऑन द स्पॉट डेथ हो गई। हमारे साथ एक साथी गिरराज पानी के पाउच बांट रहा था, वो नहीं भाग पाया और बस की चपेट में आ गया।

हमारे सामने ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। विनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि जहां भोजन वितरण कराया जा रहा था, वो जगह बिल्कुल उचित नहीं थी। टनल के पास टर्निंग है, ऐसे में वो जगह बिल्कुल सेफ नहीं थी। दो बसें खाई में चली गईं और एक बस पलट गई। हादसे के बाद वहां बाइकें तो बॉल की तरह ऐसी उछलीं जैसे कोई क्रिकेट का मैदान हो।

अधिकतर यात्री शराब दुकान पर थे, वो बच गए

एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि घटनास्थल से महज 100 मीटर दूरी पर शराब दुकान है। यहां बसें रुकी तो कई लोग उतरकर इस दुकान पर चले गए थे। वे यहां होते तो करीब आधा सैकड़ा यात्रियों की मौत हो सकती थी। कई लोग भोजन और चाय में व्यस्त थे। कोई गुटखे का पाउच खरीद रहा था तो कई लोग शौच करने गए थे। इनकी जान बच गई।

चुरहट विधायक ने लगवाया था पंडाल, पुलिस ने जबरन रोका

खाना वितरण के​ लिए चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी ने यहां पंडाल लगवाया था। एक शिक्षक ने आरोप लगाया कि इस कार्य में जनप्रतिनिधियों की बड़ी गड़बड़ी है। अगर टनल से दूर खाना बंटता तो हादसा न होता। वहीं, पुलिस की ओर से बेरिकेडिंग कर जबरन रोका जा रहा था, ताकि बिना खाना खाए कोई न जा पाए।

कई लोग ऐसे भी थे, जो वहां से गुजर रहे थे, टनल के पास ठहरकर माहौल देख रहे थे। उन्हें कोल जनजाति महाकुंभ की कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए हाईवे पर इतनी भीड़ देखकर रुक गए थे। कुछ बाइक सवार पुलिस की चेकिंग देखकर डर गए और रुक गए, जिससे वो भी हादसे की चपेट में आ गए।

बस के अंदर वाले बच गए, बाहर वाले मर गए

केएन पाठक ने बताया कि कल रात नेशनल हाईवे-30 क्रिकेट का मैदान बन गया था। यहां बस और दो पहिया वाहन बॉल जैसे उछले थे। बस में बैठे अधिकतर यात्री बच गए। जबकि बाहर खाने का पैकेट लेने वाले मरे हैं। क्योंकि बस उझलकर उन्हीं के ऊपर गिरी। जो खाई में जाकर पलटी वे टक्कर मारते हुए गईं। इससे कुछ शव तो कंक्रीट रोड पर चिपक गए। किसी का हाथ तो किसी का पैर गायब है। मरने वालों में आदिवासी विकास विभाग के लुरघुती छात्रावास अधीक्षक गिरिराज शरण जायसवाल भी शामिल है।

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