पुतिन को आंख दिखा रहा ये छोटा देश, पढ़ें रूस-मोल्दोवा के बीच विवाद की पूरी कहानी…

मॉस्को / यूक्रेन (Ukraine) के बाद अब एक और देश से रूस (Russia) के संबंध तेजी से बिगड़ने लगे हैं. दरअसल, मोल्दोवा (Moldova) यूरोपियन संघ में शामिल होना चाहता है, लेकिन रूस इसका विरोध कर रहा है. मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू ने अपने देश के यूरोपियन संघ में शामिल नहीं होने के पीछे रूस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने दावा किया है कि रूस की सरकार मोल्दोवा तख्तापलट की साजिश रच रही है. इधर, रूस ने मोल्दोवा के इन सभी आरोपों से साफ तौर पर इनकार कर दिया है.
मोल्दोवा अक्सर रूस और पश्चिम देशों के बीच संघर्ष के केंद्र में रहा है. बता दें कि एरिया के हिसाब से रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है. वहीं मोल्दोवा केरल से भी छोटा है.
मोल्दोवा और रूस के बीच संघर्ष का क्या है कारण
यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से मोल्दोवा में तनाव बढ़ गया है. खास तौर पर देश के पूर्वी सीमा में अशांती बढ़ गई है. यहां क्रेमलिन समर्थक अलगाववादी गुट की सुरक्षा के लिए रूस ने लगभग 1500 सैनिकों को तैनात किया है. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिल जेलेंस्की ने यूरोपियन संघ में दावा किया थाकि उसने मोल्दोवा पर कब्जे करने की रूस की साजिश को नाकाम कर दिया है.
मोल्दोवा ने लगाया तख्तापलट का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू ने रूस पर तख्तापलट का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि रूस सरकार विरोधी प्रदर्शन को स्पॉंसर कर रही है. मैया का कहना है कि रूस प्रदर्शकारियों की मदद इसलिए कर रही है ताकि हिंसक तरीके से सरकार को उखाड़ फेंके. राष्ट्रपति मैया सैंडू ने कहा कि मोल्दोवा में हिंसा लाने की रूस की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.
मोल्दोवा ने बंद किया हवाई क्षेत्र
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोल्दोवा और रोमानिया ने अस्थाई तौर पर अपने हवाई क्षेत्रों को बंद कर दिया है. दरअसल, रोमानिया का दावा है कि उसने रहस्यमय गुब्बारे जैसी चीज को देखा है. इसके बाद रोमानिया ने अपने फाइटर प्लेन को गश्त पर लगा दिया है. इस घटना ने पूर्वी यूरोप के इन दोनों देशों को चिंता में डाल दिया है. दोनों देश रूस को अपने लिए खतरा मान रहे हैं.
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