BJP नेताओं की हत्या से आक्रोश; लोकसभा में गूंजा मुद्दा, हत्याओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग…

छत्तीसगढ़ में बीते एक हफ्ते के दौरान तीन भाजपा नेताओं की हत्या से सियासी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। भाजपा नेताओं ने सूबे में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा ने सूबे में पार्टी के चार पदाधिकारियों की हत्या की स्वतंत्र छानबीन कराने की मांग उठाई है। सोमवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ में हो रही BJP नेताओं की हत्या के मुद्दे की गूंज सुनाई दी।
भाजपा सांसद अरुण साव ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, हत्याओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। बिलासपुर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले साव ने भाजपा नेताओं के खिलाफ राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया, जिनकी सुरक्षा भूपेश बघेल सरकार ने वापस ले ली थी।
वहीं एक अन्य भाजपा सदस्य विजय बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भय और आतंक का माहौल है। सूबे में शराब और नशीले पदार्थ खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्होंने सूबे में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच के बाद राज्य के मुख्यमंत्री के एक सलाहकार तक जेल में हैं। सूबे में नक्सलियों द्वारा कई भाजपा पदाधिकारियों की हत्या कर दी है।
विजय बघेल ने केंद्र सरकार से इन हत्याओं की छानबीन केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कराए जाने की मांग उठाई। वहीं पार्टी पदाधिकारियों की लगातार हो रही हत्याओं से आहत छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं ने सूबे की भूपेश बघेल सरकार पर जमकर हमला बोला है। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने हाल ही में नारायणपुर जिले में भाजपा नेता की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा।
अग्रवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। नक्सलियों ने बीते एक महीने में भाजपा के चार पदाधिकारियों की हत्या की है। इन हत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है? मुख्यमंत्री को इन हत्याओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पीड़ित परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाले दिनों में नक्सली न तो हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या करें और न ही आम लोगों को निशाना बनाएं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बातें बहुत करते हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद समाप्त हो गया है। भाजपा के चार कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए कौन जिम्मेदार है?
सरकार पूरी तरह से लापरवाह हो गई है। इसी वजह से नक्सलियों को खुलेआम अपराध करने की आजादी मिल रही है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि सरकार के संरक्षण में नक्सली भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं। यह घोर निंदनीय है। यदि सरकार ने इस पर संज्ञान नहीं लिया तो आने वाले समय में उसको भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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