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डेंगु की स्थिति नियंत्रण में

डेंगु की स्थिति नियंत्रण में

भिलाई – तीन साल पहले डेंगू के दंश ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। भिलाई-खुर्सीपार के कई वार्ड आक्रांत थे, प्रशासन ने डेंगू नियंत्रण को लेकर व्यापक मुहिम चलाई थी। इसके बाद तीन सालों में डेंगू के नियंत्रण के लिए व्यापक रोकथाम कार्यक्रम किये गए। अब इसकी सफलता पूरी तरह मुकम्मल हो रही है। जुलाई और अगस्त का महीना मानसून का वक्त होता है। पानी छोटे-छोटे गड्ढों में जमा होता है, गर्मी की वजह से लोग कूलर चलाते हैं और इसका नतीजा होता है कि डेंगू के लार्वा को पनपने के लिए अवसर मिलता है।

डेंगु की स्थिति नियंत्रण में

इस बार व्यापक अभियान की सफलता इस मायने में है कि पड़ोसी बड़े जिले के मुकाबले भिलाई में डेंगू के केस की स्थिति नियंत्रण में है। जिला मलेरिया ऑफिसर डॉक्टर बंजारे ने बताया कि पिछले वर्ष डेंगू नियंत्रण पर किए गए कार्य के नतीजे बताते हैं कि महज 13 मामले सामने आये थे। इस वर्ष जून महीने में सेक्टर एरिया में डेंगू के एक मरीज के चिन्हांकित होते ही भिलाई निगम ने तेजी से टेमीफास वितरण एवं फागिंग की कार्रवाई शुरू की। साथ ही कूलर आदि खाली कराने का व्यापक अभियान छेड़ा गया। स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि इसका अच्छा असर यह हुआ कि माह अगस्त तक भिलाई में केवल पांच ही डेंगू का केस सामने आया उसमें से तीन सेक्टर क्षेत्र के और दो पटरी पार क्षेत्र के शामिल है, इसके अलावा कुछ डेंगू मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी रही है। निगम के प्रशासक कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने हाटस्पाट एरिया में विशेष टीम लगाई थी जिन्होंने लगातार सक्रिय रूप से काम किया, इसका असर हुआ और नियमित रूप से टेमीफास के वितरण, छिड़काव से काफी लाभ हुआ। पृथक से टीम हाटस्पाट एरिया में लगाई गई। भिलाई निगम टीम ने इस अवधि में घरों के कूलर चेक किये और टेमीफास का छिड़काव किया। इसके अलावा मेलाथियान और मलेरिया ऑयल घोल का छिड़काव भी किया गया। जलजमाव वाले स्थानों पर विशेष फोकस किया गया ताकि लार्वा की उत्पत्ति न हो।

डेंगु की स्थिति नियंत्रण में


साल भर की गतिविधियां– इस साल निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई और इन्होंने व्यापक निरीक्षण किया। इस साल 1 लाख 5 हजार 819 घरों में निगम का अमला पहुंचा। हर चीज ध्यान से देखी। 56390 कूलर एवं पानी टंकी एवं अन्य पात्रों का निरीक्षण करते हुए कूलर एवं पानी टंकी से पुराना पानी खाली कराया गया। साथ ही 32799 घरों में पंपलेट वितरण भी किया गया जिसमें डेंगू के पनपने के कारणों एवं इससे बचाव के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई थी। 88968 टेमीफास् का वितरण किया गया, 119324 घरों में फागिंग कराई गई, इसके अतिरिक्त लापरवाही बरतने वाले लोगों से जुर्माना भी वसूल किया गया।

डेंगु की स्थिति नियंत्रण में


कोविड नियंत्रण के साथ डेंगू के रोकथाम पर भी होता रहा काम– निगम प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोविड नियंत्रण को लेकर थी और स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अमला इस कार्य के लिए लगा हुआ था। इसके बावजूद डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम पर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन हुआ। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के साथ लगातार डेंगू के हाटस्पाट माने जाने वाले इलाकों का दौरा किया। इन इलाकों में लोगों से मिलकर डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम की जमीनी स्थिति जानी और फील्ड पर इसके मुताबिक डेंगू नियंत्रण और रोकथाम की गतिविधियों पर काम किया गया।थ 3 महीनों में किए गए कठिन परिश्रम का प्रतिफल है कि डेंगू के केस में वृद्धि नहीं हो रही है और भविष्य में भी हॉटस्पॉट में डेंगू की जड़ों के कमजोर होने के संकेत है।

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