प्रधान मंत्री ने कारूष क्षत्रिय समाज को पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने रोहिनि आयोग को प्रस्ताव भेजा

छत्तीसगढ़ / अखिल भारतीय कारूष क्षत्रिय महासभा के द्वारा 1930 से निरंतर ओबीसी के तहत आरक्षण को लेकर सरकार से मांग किया जाता रहा है ज्ञात हो कि कारूष क्षत्रिय समाज को आज वर्तमान उत्तर भारतीय के रूप में पहचाना जाता है कारूष क्षत्रिय समाज की कई उप जातियाँ हैं सम्पूर्ण भारत में निवास कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं ।
कारूष क्षत्रिय समाज के नाम से समाज का पंजीयन करा कर समाज को मजबूत करने यथा संभव प्रयास कर रही है इसी कड़ी में कारूष वंशज संस्थान और कारूष क्षत्रिय समाज कल्याण समिति मध्य प्रदेश की ओर से माननीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी को विगत तीन वर्ष से कारूष क्षत्रिय समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने मांग पत्र अध्यक्ष धर्मेन्द्र वर्मा व महासचिव मुकेश वर्मा द्वारा सौंपा गया था ।
कारूष क्षत्रिय कल्याण समिति मध्य प्रदेश के आवेदन को संज्ञान में लेकर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत सरकार द्वारा गठित रोहिनि आयोग को प्रस्ताव भेजा और अति शीघ्र जांच कर रिपोर्ट भारत सरकार को देने निर्देशित किया है अध्यक्ष धर्मेन्द्र वर्मा व महासचिव मुकेश वर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि कारूष क्षत्रिय समाज अबतक ओबीसी के तहत आरक्षण का लाभ लेने से वंचित रहीं हैं किन्तु प्रधान मंत्री जी के अनुशंसा के बाद वह रोहिनि आयोग की रिपोर्ट आने पर अति शीघ्र कारूष क्षत्रिय समाज के लोगों को आरक्षण का लाभ प्राप्त होगा।
केन्द्रीय नौकरी एवं केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों में भी सभी जातियों को लाभ मिलेगा मुकेश वर्मा ने बताया कि सूत्रो के अनुसार वैसे तो पूरे भारत वर्ष में पांच हजार जातियाँ हैं यह बात उभर कर आई है कि आरक्षण का अधिकांश लाभ कुछ जातियाँ ले रही है और सोलह सौ से छब्बीस सौ जातियाँ ऐसी है जिन्होंने ओबीसी के तहत आरक्षण का लाभ नहीं उठाया है रोहिनि आयोग के जांच के बाद ओबीसी में अबतक वंचित रही जातियों को भी मिल सकता आरक्षण का लाभ।
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