‘पेशावर में नमाज के दौरान हुआ था हमला…’ अब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत पर दिया बेतुका बयान, जानें क्या कहा…

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को पेशावर में एक मस्जिद के अंदर घातक आत्मघाती बम विस्फोट पर बोलते हुए कहा कि भारत में भी प्रार्थना के दौरान पूजा करने वाले नहीं मारे जाते हैं. समाचार एजेंसी ने स्थानीय मीडिया डॉन के हवाले से यह जानकारी दी.
30 जनवरी को एक मस्जिद में नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, जबकि 200 से अधिक जख्मी हैं. नेशनल असेंबली में हमले पर अपने विचार जाहिर करते हुए आसिफ ने कहा, ‘भारत या इज़राइल में भी प्रार्थना के दौरान उपासक नहीं मारे गए, लेकिन यह पाकिस्तान में हुआ.’
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हमलावर सोमवार दोपहर की नमाज के समय आगे की कतार में मौजूद था, जब उसने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया. विस्फोट से मस्जिद की छत गिर पड़ी, जिससे नमाज पढ़ने वाले मलबे के नीचे दब गए. डॉन के अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता का आह्वान करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए अपने घर को व्यवस्थित करने का समय है.
मंत्री ने 2010-2017 तक की आतंकवाद की घटनाओं को याद करते हुए कहा, ‘यह युद्ध पीपीपी के कार्यकाल में स्वात से शुरू हुआ था और यह पीएमएल-एन के पिछले कार्यकाल के दौरान समाप्त हुआ था, और देश में कराची से स्वात तक शांति कायम हुई थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन अगर आपको याद है, डेढ़ या दो साल पहले […] हमें इसी हॉल में दो, तीन बार एक ब्रीफिंग दी गई थी जिसमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि इन लोगों के साथ बातचीत की जा सकती है और उन्हें शांति की ओर लाया जा सकता है.’
आसिफ ने कहा कि इस मामले पर अलग-अलग राय सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ‘अंतिम और ठोस फैसला’ नहीं लिया गया. उन्होंने आगे कहा कि अफ़ग़ानों के पाकिस्तान में आकर बसने के बाद हज़ारों लोग बिना नौकरी के रह गए थे. आसिफ ने यह भी कहा कि पहला सबूत तब सामने आया जब स्वात के लोगों ने वहां फिर से बस रहे लोगों का विरोध किया.
इस बीच, पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस ऑफिसर (सीसीपीओ) एजाज खान ने ‘जियो टीवी’ को बताया कि विस्फोट स्थल से संदिग्ध आत्मघाती हमलावर का सिर बरामद किया गया है. संदिग्ध हमलावर की पहचान मोहमंद एजेंसी के सलीम खान के 37 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अयाज के रूप में हुई है.
खान ने कहा ‘यह संभव है कि हमलावर विस्फोट से पहले ही पुलिस लाइन में मौजूद था और हो सकता है कि उसने (प्रवेश करने के लिए) एक आधिकारिक वाहन का इस्तेमाल किया हो.’ उन्होंने कहा आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) मामले की जांच कर रहा है.