
BBC Documentary : देशभर में BBC की डॉक्यूमेंट्री (BBC Documentary) को लेकर बहस छिड़ी हुई है. देश में इस डॉक्यूमेंट्री को बैन किया गया है. एक तरफ जहां भाजपा (BJP) के कई नेताओं ने इसे प्रोपोगेंडा करार दिया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग BBC डॉक्यूमेंट्री को बैन करने का विरोध भी कर रहे हैं.
इसी क्रम में पत्रकार एन राम, एडवोकेट प्रशांत भूषण और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री “इंडिया: द मोदी क्वेश्चन” को प्रतिबंध करने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. BBC डॉक्यूमेंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका करने वालों पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने हमला किया है.
केंद्रीय मंत्री ने याचिका को सुप्रीम कोर्ट का समय व्यर्थ करने वाली बताया है. किरेन रिजिजू ने याचिका दायर करने को लेकर किए एक ट्वीट में लिखा कि ‘इस तरह से माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कीमती समय बर्बाद किया जाता है, जबकि हजारों आम नागरिक न्यायालय में न्याय के लिए तारीखों की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बनी BBC की डॉक्यूमेंट्री आने के बाद से देश समेत दुनिया भर में बहस तेज हो गई है. भाजपा के कई नेताओं ने इसे प्रोपोगेंडा करार दिया है तो वहीं देश में एक वर्ग BBC डॉक्यूमेंट्री के बैन के खिलाफ भी खड़ा है. अभी हाल ही में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में भी BBC की डॉक्यूमेंट्री दिखाने को लेकर विवाद हो गया था.
जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद अब इस मुद्दे पर बहस और तेज होने के आसार हैं. पत्रकार एन राम और एडवोकेट प्रशांत भूषण ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के लिंक साझा करने वाले अपने ट्वीट को हटाने को भी चुनौती दी है.
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